गठबंधन या अकेले लड़ाई? गुजरात में कांग्रेस के फैसले पर टिकी सियासी नजरें
गुजरात की राजनीति में उपचुनाव को लेकर हलचल तेज है. एक ओर देशभर में INDIA गठबंधन की बात हो रही है, वहीं गुजरात में कांग्रेस ने अलग राह चुन ली है. अब न कोई गठबंधन, न साझा रणनीति, कांग्रेस ने तय कर लिया है कि वह विसावदर और कड़ी विधानसभा उपचुनाव में अकेले ही मैदान में उतरेगी.
गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने शुक्रवार को यह ऐलान किया. उन्होंने बात करते हुए साफ किया कि यह निर्णय पार्टी ने सर्वसम्मति से लिया है. उन्होंने कहा, "गुजरात की जनता ने कभी तीसरे मोर्चे को समर्थन नहीं दिया. यहां लड़ाई हमेशा कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही रही है."
AAP के साथ चुनाव लड़ने से नुकसान- गोहिल
गोहिल ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, "पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत लगाई, बड़े नेता प्रचार में आए, लेकिन उन्हें महज 10 से 11 प्रतिशत वोट ही मिले. इससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचा और बीजेपी को फायदा हुआ."
उन्होंने आगे कहा, "अगर बीजेपी को हराना है तो कांग्रेस ही मुख्य विपक्ष है. हम AAP से अपील करते हैं कि वे विसावदर और कड़ी सीटों पर अपने उम्मीदवार वापस लें. कांग्रेस इन दोनों सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी."
राष्ट्र स्तर पर एक है INDIA गठबंधन- शक्तिसिंह गोहिल
हालांकि, गोहिल ने यह भी कहा कि यह निर्णय केवल राज्य स्तर तक सीमित है. राष्ट्रीय स्तर पर हम INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और एकजुट हैं.
गुजरात की ये दोनों सीटें- विसावदर (जिला जूनागढ़) और कड़ी (जिला मेहसाणा, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) विभिन्न कारणों से रिक्त हुई हैं. विसावदर सीट दिसंबर 2023 में आम आदमी पार्टी के विधायक भूपेंद्र भयानी के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने के कारण खाली हुई, जबकि कड़ी सीट फरवरी 2024 में बीजेपी विधायक कर्सन सोलंकी के निधन से खाली हो गई थी.
उपचुनाव की तारीखों की घोषणा अभी चुनाव आयोग ने नहीं की है, लेकिन कांग्रेस ने पहले ही अपने इरादे साफ कर दिए हैं. यह घटनाक्रम 8-9 अप्रैल को गुजरात में हुए कांग्रेस के AICC सत्र के बाद सामने आया है, जहां पार्टी ने आगामी चुनावों में जीत का संकल्प लिया था और सरदार पटेल और महात्मा गांधी की विरासत पर अपनी दावेदारी दोहराई थी.
ग्वालियर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त की जनगणना में सराहनीय भूमिका
DGCA ने Air India पर लगाया 1 करोड़ का जुर्माना
अवैध बूचड़खानों के खिलाफ हिंदू संगठन का निगम घेराव, पुलिस रोकने पर हनुमान चालीसा पाठ
एमपी विधानसभा के बजट सत्र में हाई अलर्ट,परिसर में अंगरक्षकों की एंट्री पर रोक
9 साल के बच्चे ने सिंधिया को खून से लिखा पत्र
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव का आरोप, रॉयल प्रेस क्लब पहुंचा थाने
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
मंत्रालय में फर्जी IAS की एंट्री से हड़कंप, बैच नंबर पूछते ही खुली पोल, नकली अफसर गिरफ्तार