पीड़िता का आरोप: पास्टर बजिंदर सिंह ने यौन उत्पीड़न और पीछा किया
पास्टर बजिंदर सिंह के विरुद्ध कपूरथला में छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ है. महिला ने पास्टर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पादरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 ए (यौन उत्पीड़न), 354 डी (पीछा करना) और 506 के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. कपूरथला निवासी महिला ने बताया कि पास्टर बजिंदर सिंह जालंधर के गांव ताजपुर में द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम नाम से मसीही सत्संग करता है. पीड़िता ने आरोप लगाया कि बजिंदर सिंह उसे गलत तरह से छूते थे और उल्टे सीधे मैसेज करते थे.
जान से मारने की धमकी देता था बजिंदर-पीड़िता
पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि जब वह 17 साल की थी तब से बजिंदर सिंह उसका शोषण कर रहे हैं. पास्टर बजिंदर सिंह पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. 2018 में एक रेप केस के दौरान सिंह की गिरफ्तारी भी हुई थी.
महिला ने बताया कि उसके बाद 2022 में उसने मुझे रविवार के दिन चर्च के केबिन में अकेले बिठाना शुरू कर दिया. आरोपी केबिन में आकर उसे गलत तरीके से छूता था, जिससे वह बुरी तरह से डरी हुई है. उसने अंदेशा जताया कि ये उसे और उसके परिवार को जान से मरवा देगा.
पहले भी जेल जा चुका है बजिंदर
पादरी बजिंदर सिंह जालंधर में एक चर्च चलाते हैं. उन पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. साल 2018 में उन पर रेप का केस दर्ज हुआ था. वह मरे हुए लोगों को जिंदा करने और कैंसर का इलाज करने का दावा करते हैं. साल 2018 में पादरी बजिंदर सिंह पर रेप का केस दर्ज हुआ था. बजिंदर के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होते रहते हैं, पादरी के कार्यक्रम में कई नामचीन हस्तियां भी पहुंचती हैं. बजिंदर की वेबसाइट के अनुसार उसके देश के अलावा विदेशों में भी उसके चर्च हैं.
मध्यप्रदेश पुलिस का नशे के विरुद्ध सख्त प्रहार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत
अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
निर्वाचन तैयारियां एवं स्वीप गतिविधियां तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस कम्पनी के पदाधिकारी
निर्माणाधीन सुरंग हादसे से मचा हड़कंप, 10 मजदूरों की गई जान
मणिपुर में बदलते हालात, KCP के 46 कैडरों के आत्मसमर्पण से शांति प्रक्रिया को मिली मजबूती
मध्य प्रदेश में UCC को मिली मंजूरी, विधानसभा से विधेयक पास; आम लोगों की जिंदगी कितनी होगी आसान?