टीवीके की सत्ता को लेकर अनिश्चितता बरकरार, AIADMK ने बढ़ाई हलचल
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के अध्यक्ष विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रोटोकॉल के तहत मिलने वाली सुरक्षा और सरकारी काफिले को ठुकरा दिया है। पुलिस विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि चुनाव परिणामों के बाद उन्हें दी गई मुख्यमंत्री स्तर की गाड़ियां विजय के व्यक्तिगत अनुरोध पर वापस भेज दी गई हैं। विजय का मानना है कि वह पूर्ण रूप से सरकार गठन और शपथ ग्रहण के बाद ही आधिकारिक सुरक्षा और सुविधाओं को स्वीकार करेंगे। हाल ही में जब वह राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने पहुंचे, तब भी उन्होंने निजी वाहन का ही उपयोग किया।
विजय का सादगी भरा फैसला और सुरक्षा से इनकार
टीवीके प्रमुख ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जनता के निर्णायक जनादेश का सम्मान करते हुए फिलहाल किसी भी सरकारी तामझाम से दूर रहना चाहते हैं। चार मई को जब उनकी पार्टी ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की, तभी उनके आवास पर भेजी गई चार काफिले की गाड़ियों को उन्होंने वापस करवा दिया था। पार्टी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि विजय पद की गरिमा और सुरक्षा को केवल मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद ही अपनाएंगे। फिलहाल उनके पनैयूर स्थित निवास और लोक भवन के बाहर सुरक्षा बल तैनात हैं, लेकिन विजय ने खुद को एक साधारण नागरिक की तरह पेश करते हुए निजी संसाधनों के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी है।
एआईएडीएमके की घेराबंदी और विधायकों की बाड़ेबंदी
दूसरी ओर राज्य के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए एआईएडीएमके ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों को सुरक्षित रखने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने जानकारी साझा की है कि उनके विधायकों को पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी के एक होटल में ठहराया गया है। हालांकि पार्टी ने अभी तक उन विधायकों की संख्या और इस कदम के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि सरकार बनाने की खींचतान के बीच विधायकों को किसी भी प्रकार की तोड़-फोड़ से बचाने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है। 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए सभी दल अपनी गोटियां फिट करने में लगे हैं।
गठबंधन की गणित और निर्णायक मोड़ पर वीसीके
बहुमत के आंकड़े से थोड़ा दूर खड़ी टीवीके अब अन्य दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगी है। कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के साथ पहले ही विजय को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है, जिससे टीवीके की राह थोड़ी आसान हुई है। इस बीच वीसीके के नेता तोल तिरुमावलवन ने विजय को मिले जनादेश का स्वागत तो किया है, लेकिन समर्थन के मुद्दे पर सस्पेंस बरकरार रखा है। उन्होंने कहा है कि वामपंथी दलों और वीसीके के साथ चर्चा चल रही है और जल्द ही वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद यह तय होगा कि वे टीवीके सरकार का हिस्सा बनेंगे या नहीं। वर्तमान स्थिति में डीएमके और एआईएडीएमके की सीटों को देखते हुए छोटे दलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
रणबीर-यश की 'रामायण' का ट्रेलर आने को तैयार, जानिए भारत में कब और कितने बजे होगा रिलीज
सरकारी इंजीनियर निकला अरबों की संपत्ति का मालिक, ACB ने दबोचा
मुख्य सचिव पद पर IAS अशोक बर्णवाल की नियुक्ति, सीएम मोहन यादव ने दी बधाई
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! जून में 1 करोड़ 12 लाख रुपये की राहत
पति की हत्या के लिए बनाया खौफनाक प्लान, करैत से डसवाया; तस्कर भी पुलिस के शिकंजे में
एमपी में मेहरबान मानसून, 60 घंटे से जारी बारिश; 17 जिलों में अलर्ट
महाकाल की शरण में पहुंचीं रूपाली गांगुली, भस्म आरती में हुईं शामिल
बिहार में कांग्रेस पर BJP का तीखा हमला, 'पाकिस्तानी मॉडल' अपनाने का लगाया आरोप
PM मोदी सख्त: पेपर लीक के आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए बनेगा फास्ट ट्रैक कोर्ट
सपा के वरिष्ठ नेता और पांच बार के विधायक आलमबदी नहीं रहे, 92 वर्ष की उम्र में निधन