तेज प्रताप का बड़ा आरोप, हत्या की साजिश के मामले में दर्ज कराया केस
पटना। बिहार के राजनैतिक समर में पूर्व मंत्री और राजद के वरिष्ठ नेता तेज प्रताप यादव एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में आ गए हैं। इस मर्तबा उन्होंने अनुष्का यादव के सगे भाई आकाश यादव के खिलाफ बेहद संगीन इल्जाम लगाते हुए राजधानी के सचिवालय थाने में एक लिखित तहरीर दी है। तेज प्रताप यादव ने सनसनीखेज दावा किया है कि उनके विरुद्ध परदे के पीछे से बेहद सुनियोजित ढंग से जानलेवा हमला करने की पटकथा लिखी जा रही है, जिसके चलते वर्तमान में उनकी सुरक्षा और जान को गहरा खतरा पैदा हो गया है। शुक्रवार की मूक रात को अचानक सचिवालय थाने पहुंचे तेज प्रताप ने पुलिस महकमे को सौंपे गए अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि एक खास गुट उन्हें राजनैतिक रूप से कलंकित करने और शारीरिक क्षति पहुंचाने के कुत्सित प्रयासों में जुटा हुआ है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में आकाश यादव के साथ-साथ मोतीलाल नाम के एक अन्य व्यक्ति की संदिग्ध भूमिका को भी कटघरे में खड़ा किया है और पुलिस प्रशासन से बिना किसी दबाव के दूध का दूध और पानी का पानी करने वाली निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
पारिवारिक तल्खी और कोर्ट-कचहरी के बीच गहराया दोनों पक्षों का विवाद
यह नया सियासी और विधिक बवंडर ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आया है जब तेज प्रताप यादव और अनुष्का यादव से जुड़े विभिन्न पारिवारिक व व्यक्तिगत मसलों को लेकर पहले से ही राजनैतिक गलियारों तथा अदालतों में भारी खींचतान चल रही है। विदित हो कि कुछ ही दिनों पूर्व इस विवाद के दूसरे पक्ष आकाश यादव ने भी तेज प्रताप के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए न्यायलय और पुलिस प्रशासन की शरण ली थी। आकाश ने तेज प्रताप पर बेहद गंभीर आरोप मढ़ते हुए कहा था कि राजद नेता लाव-लश्कर के साथ उनके निजी आवास पर धमक आए थे, जहां उन्होंने उनके पूरे परिवार को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने का प्रयास किया था, जिस पर स्थानीय थाने में पहले से ही एक नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) भी पंजीकृत है।
साजिश को गंभीरता से लेने की अपील और पुलिस अधिकारियों की प्राथमिक तफ्तीश
अपनी नई शिकायत में तेज प्रताप यादव ने पुलिस के आला अधिकारियों से पुरजोर अपील की है कि उनके खिलाफ रची जा रही इन तमाम संदिग्ध गतिविधियों और धमकियों को कतई हल्के में न लिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालिया दिनों में घटित कुछ रहस्यमयी घटनाओं और गतिविधियों ने उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिसकी तह तक जाना बेहद जरूरी है। दूसरी तरफ, मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण हरकत में आई सचिवालय थाना पुलिस ने तेज प्रताप की अर्जी को संज्ञान में लेते हुए प्राथमिक स्तर पर जांच की रूपरेखा तैयार कर ली है। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों, पुरानी रंजिश के इतिहास और तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों का पूरी गहनता से बारीकी से मुआयना करने के बाद ही आगे की दंडात्मक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हाई-प्रोफाइल मामले से बिहार की राजनीति में उबाल और कयासों का दौर तेज
इस बेहद हाई-प्रोफाइल और व्यक्तिगत विवाद के सरेबाजार आने से बिहार के राजनैतिक पंडितों और विभिन्न दलों के नेताओं के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेता परदे के पीछे से इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजरें गड़ाए हुए हैं, क्योंकि इस विवाद के तार सूबे के एक सबसे रसूखदार सियासी घराने से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह कानूनी लड़ाई जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इसमें कई नए किरदारों के नाम और चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो सकते हैं, जिससे राज्य का सियासी तापमान और अधिक बढ़ना पूरी तरह तय है।
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