बर्फीले तूफान से अमेरिका के 18 राज्यों में आपातकाल जैसी स्थिति
न्यूर्याक । अमेरिका में भारी बर्फबारी के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर जमी बर्फ, बंद हवाई और रेल सेवाएं, ठप पड़ी यातायात व्यवस्था और बिजली गुल होने से लाखों लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हैं कि पहले से जारी बर्फीले तूफान ने अमेरिका के 18 राज्यों में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है। अमेरिका में भी लोगों को कई-कई घंटे और कहीं-कहीं दिनों तक बिना बिजली और हीटिंग के रहना पड़ा। हालांकि कुछ इलाकों में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे थे, लेकिन अब एक और बड़ी प्राकृतिक आपदा की आहट ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अमेरिका के पूर्वी तट पर एक शक्तिशाली शीतकालीन तूफान बनने की आशंका जताई जा रही है, जिसे उसकी तीव्रता के कारण ‘बॉम्ब साइक्लोन’ कहा जा रहा है। अनुमान है कि यह तूफान सप्ताह के अंत तक कैरोलाइना तट के पास विकसित हो सकता है। फिलहाल यह पूरी तरह साफ नहीं है कि इसका असर किन इलाकों तक पहुंचेगा और बर्फबारी कितनी व्यापक होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी ताकत बेहद खतरनाक हो सकती है।
मौसम से जुड़े ताजा मॉडल इशारा कर रहे हैं कि शनिवार तड़के समुद्र के ऊपर एक सिस्टम बनेगा, जो बहुत तेजी से ताकत हासिल कर सकता है और बॉम्ब साइक्लोन में तब्दील हो सकता है। इस तूफान की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनिश्चितता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर तूफान के रास्ते में केवल 100 से 200 मील का भी अंतर आ जाता है, तो इसका असर पूरी तरह बदल सकता है। ऐसी स्थिति में यह तय करेगा कि न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन डीसी और बोस्टन जैसे बड़े शहरों में भारी बर्फबारी होगी या फिर वहां सिर्फ बेहद ठंडी और तेज हवाओं के कारण कड़ाके की सर्दी महसूस की जाएगी। हालांकि यह तूफान क्षेत्रफल के लिहाज से सामान्य बर्फीली आंधी से छोटा हो सकता है, लेकिन इसकी रफ्तार और तीव्रता इसे कहीं ज्यादा खतरनाक बना सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तूफान के दौरान बर्फ के साथ ब्लिजार्ड जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं, यानी बेहद तेज हवाओं के साथ घनी बर्फबारी। हालांकि इसमें फ्रीजिंग रेन यानी जमाव वाली बारिश की संभावना कम बताई जा रही है। इसके बावजूद समुद्र तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने, तटों के कटाव और बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा बना हुआ है।
मौसम मॉडल तीन संभावित स्थितियों की ओर इशारा कर रहे हैं। पहली स्थिति में तूफान तट के करीब से गुजरकर वापस समुद्र की ओर मुड़ सकता है, जिससे नॉर्थ कैरोलाइना के केप हैटरस से लेकर मैसाच्युसेट्स के केप कॉड तक तटीय इलाकों में भारी बर्फ और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि बड़े शहर अपेक्षाकृत सुरक्षित रह सकते हैं। दूसरी स्थिति में तूफान तट से सटकर आगे बढ़ेगा और कैरोलाइना से लेकर I-95 कॉरिडोर तक व्यापक बर्फबारी हो सकती है, जिससे पहले से संकट झेल रहे इलाकों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। तीसरी और सबसे राहत वाली संभावना यह है कि तूफान सीधे समुद्र की ओर निकल जाए और ज्यादातर आबादी वाले इलाके इसके असर से बच जाएं।
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