बढ़ती ऊर्जा खपत से पावर सेक्टर के शेयरों में आ सकता है उछाल
मुंबई। साल 2026 में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच बिजली क्षेत्र (Power Sector) के शेयरों ने निवेशकों के लिए मुनाफे की नई उम्मीद जगाई है। जहां शेयर बाजार के अन्य सेक्टर दबाव का सामना कर रहे हैं, वहीं पावर स्टॉक्स ने पिछले कुछ हफ्तों में असाधारण प्रदर्शन किया है। आंकड़ों के अनुसार, बीएसई पावर इंडेक्स ने पिछले एक महीने में लगभग 21% और बीते छह महीनों में 24% तक की शानदार बढ़त दर्ज की है।
पावर स्टॉक्स में तेजी: रिकॉर्ड मांग और भविष्य की ऊर्जा नीति का असर
बिजली क्षेत्र में आई इस तेजी का मुख्य कारण देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताएं हैं। अप्रैल 2026 में भारत ने 256.1 गीगावॉट की रिकॉर्ड बिजली मांग दर्ज की, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड मई 2024 (250 गीगावॉट) के नाम था।
किन कंपनियों पर है बाजार की नजर?
बाजार के जानकारों का मानना है कि बिजली और न्यूक्लियर वैल्यू चेन से जुड़ी कंपनियों में भविष्य की बड़ी संभावनाएं छिपी हैं:
-
एलएंडटी (L&T): न्यूक्लियर ईपीसी (EPC) क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी।
-
भेल (BHEL): टरबाइन और बॉयलर जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों की आपूर्ति के लिए।
-
एनटीपीसी और एनएचपीसी: स्वच्छ ऊर्जा और परमाणु विस्तार परियोजनाओं के लिए।
-
टाटा पावर, अदाणी एनर्जी, एबीबी इंडिया और सीमेंस: ग्रिड ऑटोमेशन, ट्रांसमिशन और क्लीन एनर्जी सेक्टर के दिग्गज।
बिजली की बढ़ती खपत के 3 मुख्य आधार
-
मौसम का मिजाज: भीषण गर्मी और कम बारिश की आशंका के चलते एसी, कूलर और कृषि क्षेत्र में बिजली की खपत बढ़ी है।
-
नए औद्योगिक क्षेत्र: डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से बिजली की नई मांग पैदा हो रही है।
-
शहरीकरण: लगातार बढ़ता शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों में सुधार से बेस डिमांड में इजाफा हुआ है।
विशेषज्ञों की राय: निवेश में बरतें सावधानी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अगले पांच वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत वृद्धि की संभावना है, लेकिन सभी कंपनियां एक जैसा रिटर्न नहीं देंगी। निवेशकों को उन कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए जिनकी:
-
बैलेंस शीट मजबूत है।
-
प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता बेहतर है।
-
जो एनर्जी स्टोरेज और हाइब्रिड समाधानों पर काम कर रही हैं।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए न्यूक्लियर एनर्जी की ओर झुकाव
परमाणु ऊर्जा अब ऊर्जा सुरक्षा का एक अनिवार्य हिस्सा बनती जा रही है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी स्थिरता है, क्योंकि यह सौर या पवन ऊर्जा की तरह मौसम पर निर्भर नहीं है।
ऊर्जा स्रोतों की तुलना (1 गीगावॉट क्षमता के आधार पर):
| ऊर्जा स्रोत | क्षमता गुणांक (Capacity Factor) | सालाना उत्पादन (प्रति घंटा) |
| सौर ऊर्जा | 18–22% | 1,650 गीगावॉट |
| कोयला | 50–65% | 4,500 गीगावॉट |
| न्यूक्लियर | 80–92% | 7,500 गीगावॉट |
शिवसेना विवाद: उद्धव गुट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट तैयार, बागी सांसदों और लोकसभा सचिवालय को नोटिस
अजित पवार को याद कर भावुक हुईं सुप्रिया सुले, बोलीं- 'ऐसा लगता है जैसे आप...'
क्वाड बैठक में जयशंकर का बड़ा बयान, स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत पर दिया जोर
यमुनानगर में महिला से दुष्कर्म का आरोप, बाइक पर बैठाकर सुनसान खेतों में ले गया आरोपी
सावधान! मध्य प्रदेश में 'चड्डी-बनियान गैंग' की दस्तक, पुलिस ने जारी की चेतावनी
पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी का बड़ा आरोप, बोले- 10 साल में 152 मामले, लेकिन कार्रवाई नहीं
भोजशाला मामले में नया मोड़, नमाज स्थल को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवाद
HTET रिजल्ट तैयार, गलत सवालों पर मिलेंगे ग्रेस मार्क्स; जल्द होगा ऐलान
अवैध निर्माण पर सख्ती, निगम ने 50+ बिल्डिंग नक्शे जांच के दायरे में लिए
भोपाल में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय पहुंचने से पहले रोका