नक्सली हिंसा छोड़कर करें आत्मसमर्पण, मुख्यधारा में हों शामिल: गृहमंत्री शाह
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद के विचार को उखाड़ फेंकेंगे। शाह ने नई दिल्ली में अपने घर पर छत्तीसगढ़ के करीब 55 नक्सली हिंसा पीड़ितों से बातचीत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि बस्तर के चार जिलों को छोड़कर पूरे देश में नक्सलवाद को खत्म करने में केंद्र सरकार सफल रही है। गृहमंत्री शाह ने नक्सलियों से हिंसा छोड़ने और आत्मसमर्पण करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि अगर नक्सली हिंसा नहीं छोड़ते हैं तो सरकार उनके खिलाफ चौतरफा अभियान चलाएगी। हम नक्सलवाद को ख़त्म करके ही रहेंगे। उन्होंने नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि वे कानून के सामने आत्मसमर्पण कर दें, अपने हथियार छोड़ दें। उन्होंने कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर-पूर्व और कश्मीर में कई लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आपका भी स्वागत है लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम उनके खिलाफ अभियान चलाएंगे।
शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ अपने अभियानों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है और यह समस्या अब छत्तीसगढ़ के सिर्फ चार जिलों में ही है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने एक बार पशुपतिनाथ से तिरुपति तक गलियारा बनाने की साजिश रची थी, लेकिन मोदी सरकार ने उसे नाकाम कर दिया था। शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय जल्द राज्य सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा प्रभावित लोगों के लिए कल्याणकारी योजना तैयार करेगा।
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