ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की पानी में लैंडिंग, मस्क का मिशन कामयाब
फ्लोरिडा। स्पेसएक्स का पोलारिस डॉन क्रू आज रविवार को पृथ्वी पर वापस लौट आया। ड्रैगन स्पेसक्रॉफ्ट ने दोपहर 1:06 बजे फ्लोरिडा के ड्राई टोर्टुगास कोस्ट पर लैंडिंग की। पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार 27 हजार किमी प्रति घंटा थी। हवा से टकराने के कारण घर्षण पैदा हुआ और तापमान 1,900 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
एलन मस्क की कंपनी के फाल्कन-9 रॉकेट से पोलारिस डॉन मिशन को 10 सितंबर को लॉन्च किया था। पांच दिन के इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट जिस ऑर्बिट 1,408.1 किमी में गए थे, उसमें करीब 50 साल से ज्यादा समय से कोई एस्ट्रोनॉट नहीं गया था। किसी भी स्पेस मिशन का सबसे मुश्किल हिस्सा पृथ्वी पर लौटना होता है। सुरक्षित रूप से घर पहुंचने के लिए, क्रू ड्रैगन कैप्सूल ने डी-ऑर्बिट बर्न शुरू किया। करीब 27 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पेसक्राफ्ट ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया।
हवा से टकराने के कारण घर्षण पैदा हुई और तापमान 1,900 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 4-मीटर चौड़े ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के नीचे लगी हीटशील्ड ने एस्ट्रोनॉट्स को इस तापमान से सुरक्षित रखा। जैसे-जैसे स्पेसक्राफ्ट नीचे आया उसकी रफ्तार को धीमा किया गया। इसकी रफ्तार को और कम करने के लिए पैराशूट खोले गए और पानी में लैंडिंग कराई गई। वहां एक स्पेशल बोट पर पहले से बचाव दल मौजूद था। एस्ट्रोनॉट्स को कैप्सूल से निकालने से पहले बचाव दल ने फाइनल सेफ्टी चैक की, फिर उन्हें पानी से जमीन पर लेकर आया गया।
छिंदवाड़ा की हिंदू गर्जना रैली में गरजे टी राजा सिंह, ओवैसी के साथ रिश्तों का खोला राज
CBSE Board Exam 2026: आज से शुरू हुई 10वीं-12वीं की परीक्षा, 10 बजे के बाद नो एंट्री; रांची जोन के 33 हजार छात्र दे रहे एग्जाम
रोहित शेट्टी फायरिंग केस में 4 आरोपी गिरफ्तार
राँची वाले सावधान! अब 'तीसरी आँख' रखेगी कचरे पर नज़र, सड़क पर गंदगी फैलाई तो सीधे कटेगा चालान; 6 पर गिरी गाज
रुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में तकनीकी बाधा, लाभुकों को 4% की जगह देना पड़ रहा 10% से अधिक ब्याज
ACB की रेडार पर 192 'जालसाज': MPL जमीन घोटाले की फाइल खुलते ही मचा हड़कंप, क्या अब होगी जेल? जानें पूरा कच्चा चिट्ठा
मीनारों पर लाउडस्पीकर को लेकर सियासत गरम, मध्य प्रदेश में सख्ती के संकेत; इंदौर महापौर का साफ संदेश