आवारा कुत्तों पर छिड़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद, मेक्सिको-ब्राजील आमने-सामने
वॉशिंगटन: दुनिया भर में अक्सर देशों के बीच जमीनी सीमाओं, व्यापारिक प्रतिबंधों या ऐतिहासिक धरोहरों को लेकर विवाद देखने को मिलते हैं, लेकिन इन दिनों लैटिन अमेरिका के दो बड़े देशों के बीच एक आवारा कुत्ते की नस्ल को लेकर अनोखी कूटनीतिक तकरार छिड़ गई है। मेक्सिको और ब्राजील के बीच 'कारोमेलो' नाम की एक बेहद लोकप्रिय आवारा कुत्ते की नस्ल पर अपना हक जताने को लेकर मनमुटाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
क्यों शुरू हुआ दोनों देशों के बीच यह विवाद?
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह मेक्सिको द्वारा इस नस्ल को आधिकारिक तौर पर अपने देश की राष्ट्रीय धरोहर घोषित करना है। मेक्सिको ने इस कुत्ते की नस्ल को विशुद्ध मेक्सिकन करार दे दिया, जिससे ब्राजील के नागरिक बेहद आहत और नाराज हैं। जैसे ही यह खबर ब्राजील पहुंची, वहां के लोगों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। ब्राजील के नागरिकों ने इस फैसले का सार्वजनिक रूप से कड़ा विरोध किया है और अपनी सरकार से मांग की है कि वे इस नस्ल को ब्राजील की पहचान के रूप में संरक्षित करने के लिए कूटनीतिक कदम उठाएं। हालांकि, एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि दोनों ही देशों में इस नस्ल के लाखों कुत्ते आज भी सड़कों पर बेसहारा घूमने को मजबूर हैं।
ब्राजील में सांस्कृतिक प्रतीक है 'कारोमेलो'
कारोमेलो नस्ल के ये कुत्ते अपने खास भूरे रंग और फुर्तीले शरीर की वजह से दोनों ही देशों में भारी संख्या में पाए जाते हैं। ब्राजील में इस कुत्ते की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2019 में इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह वहां का एक सांस्कृतिक प्रतीक बन गया था। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि ब्राजील की मुद्रा (दस रियाश के नोट) पर इस कुत्ते की तस्वीर छपवाने के लिए एक ऑनलाइन याचिका शुरू की गई, जिसे करीब 50 हजार लोगों का समर्थन मिला। इसके अलावा इस कुत्ते की लोकप्रियता पर एक प्रसिद्ध ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म भी बनाई जा चुकी है। ब्राजील के लोग इसे अपने इतिहास के संघर्ष और बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक मानते हैं।
क्या कहते हैं मेक्सिको के विशेषज्ञ?
मेक्सिको द्वारा इस नस्ल को अपने राष्ट्रीय प्रतीकों में शामिल करने के बाद सोशल मीडिया पर ब्राजील के लोगों ने मेक्सिकन सरकार की तीखी आलोचना की। इस पर मेक्सिको के पशु विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही ब्राजील वह पहला देश था जिसने इस कुत्ते को सार्वजनिक रूप से दुनिया के सामने पहचान दिलाई, लेकिन यह अनोखा कुत्ता केवल किसी एक देश की जागीर नहीं है, बल्कि यह पूरे लैटिन अमेरिका की साझी विरासत का हिस्सा है।
300 नस्लों का जटिल मिश्रण है यह कुत्ता
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो कारोमेलो कुत्ते की कहानी इस पूरे क्षेत्र के इतिहास से गहराई से जुड़ी हुई है। डीएनए जांच करने वाली एजेंसियों के मुताबिक, यह कुत्ता एशिया, अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया की करीब 300 अलग-अलग नस्लों का एक जटिल मिश्रण है। इसकी शुरुआत औपनिवेशिक काल में हुई थी जब यूरोपीय आक्रमणकारी अपने साथ विभिन्न नस्लों के शिकारी और पालतू कुत्ते लेकर लैटिन अमेरिका आए थे। दशकों तक इन नस्लों के बीच हुए अनियंत्रित प्रजनन के कारण अंततः इस अनोखी कारोमेलो नस्ल का जन्म हुआ।
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