एपस्टीन फाइल्स में अमेरिकी राष्ट्रपति को लेकर किया दावा, इजराइल के दबाव में थे ट्रंप
वॉशिंगटन। जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज के नए बैच में कई गंभीर और सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। एफबीआई की रिपोर्ट में एक विश्वसनीय गोपनीय सूत्र के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर इजराइल का दबाव था। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर का ट्रंप के कारोबारी समूह और राष्ट्रपति पद के कामकाज में दोनों पर जरूरत से ज्यादा दखल था। यह भी कहा गया है कि कुशनर के परिवार के कथित तौर पर भ्रष्टाचार, रूसी पैसों के लेनदेन और कट्टर यहूदी चबाड नेटवर्क से संबंध रहे हैं।
रिपोर्ट में यह आरोप भी लगाया गया है कि जेफरी एपस्टीन के वकील को इजराइली की मोसाद ने प्रभावशाली छात्रों को प्रभावित करने के लिए अपने पक्ष में कर लिया था। रिपोर्ट में कुशनर के पारिवारिक इतिहास का भी जिक्र है। इसमें कहा गया है कि उनके पिता को पहले वित्तीय मामलों में दोषी ठहराया गया था, लेकिन बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें राष्ट्रपति क्षमा दे दी थी।
अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी दस्तावेजों में सामने आया कि टेस्ला के मालिक एलन मस्क और जेफरी एपस्टीन के बीच ईमेल पर हुई बातचीत पहले मानी जा रही जानकारी से कहीं ज्यादा विस्तृत थी। इन ईमेल में एपस्टीन ने मस्क को अमेरिकी वर्जिन आइलैंड्स स्थित अपने निजी द्वीप पर आने का न्योता दिया था और संभावित तारीखों, यात्रा की व्यवस्था और मुलाकातों पर चर्चा की थी। हालांकि यह साफ नहीं है कि मस्क कभी वहां गए या नहीं।
दस्तावेज में माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दस्तावेजों में दावा किया गया है कि रूसी महिलाओं के साथ संबंध बनाने के बाद गेट्स को यौन रोग हो गया था। इनमें यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने चुपचाप अपनी उस समय की पत्नी मेलिंडा गेट्स को देने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थीं। ये दावे एपस्टीन की ओर से 2013 में खुद को लिखे गए ईमेल में दर्ज बताए गए हैं और शुक्रवार को अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी किए गए लाखों दस्तावेजों का हिस्सा हैं। हालांकि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
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