बांधवगढ़ में कोदो खाने से हुई हाथियों की मौत
भोपाल। उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौत के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, हाथियों की मौत कोदो के सेवन से हुई, जिसमें माइकोटॉक्सिन की मौजूदगी पाई गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण कोदो में फंगस का विकास हुआ था। एनजीटी की रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य का भी उल्लेख किया गया है। 1933 में तमिलनाडु में भी इसी तरह की घटना हुई थी, जहां कोदो खाने से 14 हाथियों की मौत हो गई थी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक पीके वर्मा ने बताया कि एनजीटी ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को स्थानीय स्तर पर एक समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। साथ ही कलेक्टर और कृषि विभाग के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। वर्तमान में हाथियों की सुरक्षा के लिए एक विशेष दल गठित किया गया है जो लगातार निगरानी कर रहा है। यह कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
संसद में विपक्ष का हंगामा, कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
स्वास्थ्य के नाम पर बड़ा धोखा! लखनऊ समेत कई जिलों में 20 करोड़ की नकली दवाओं की खेप पकड़ी गई
अमिताभ बच्चन ने अफवाहों का किया खंडन, बोले- ICU ब्लॉग का गलत मतलब निकाला गया
3 अगस्त से विधानमंडल सत्र का आगाज, संभल हिंसा रिपोर्ट पर विपक्ष के तेवर तेज होने के आसार
वाराणसी-मुंबई सुपरफास्ट को निशाना बनाने की कोशिश, इमरजेंसी ब्रेक से बची सैकड़ों यात्रियों की जान
ट्रंप के नए टैरिफ प्लान से दवा उद्योग चिंतित, भारतीय कंपनियों पर पड़ सकता है बड़ा असर
अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके से 10 की मौत, गुजरात में मचा हड़कंप
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर बड़ा अपडेट, आज बदले या नहीं दाम?
PM किसान योजना के नाम पर जमीन हड़पने का आरोप, बुजुर्ग ने सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप
विश्व कप की तैयारियों के बीच अफगानिस्तान ने बदला कप्तान, शाहिदी ने छोड़ी जिम्मेदारी