सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस का दांव, शरद पवार से बातचीत के बाद ऐलान
महाराष्ट्र। से बड़ी सियासी खबर सामने आई है. बारामती उपचुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार वापस लेगी. महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने गुरुवार (9 अप्रैल) को ये घोषणा की. यहां कांग्रेस ने आकाश मोरे को टिकट दिया था. यह सीट अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई है और यहां से उनकी पत्नी और मौजूदा डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार मैदान में हैं. चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की आज अंतिम तिथि है.
चेन्निथला ने कहा, “अजित पवार के निधन के कारण बारामती उपचुनाव आवश्यक हो गया. उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कांग्रेस इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी.” कांग्रेस के आकाश मोरे ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था।
शरद पवार से चर्चा के बाद चेन्निथला का बयान
चेन्निथला का यह बयान शरद पवार, सुप्रिया सुले और रोहित पवार समेत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के शीर्ष नेताओं के आग्रह के बाद आया जिसमें उन्होंने कांग्रेस से बारामती उपचुनाव में एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की थी. शरद पवार ने कहा कि यह उपचुनाव विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु की पृष्ठभूमि में हो रहा है, इसलिए वह कांग्रेस को चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने के लिए कहेंगे।
शरद पवार ने क्या कुछ कहा था?
शरद पवार ने कहा, “कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हम उसे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्देश नहीं दे सकते. हालांकि, महाराष्ट्र ने एक दुखद दुर्घटना में एक कुशल नेता को खो दिया, जिसके कारण बारामती सीट खाली हुई. अगर मुझसे पूछा जाए, तो मैं कांग्रेस को सुझाव दूंगा कि इस उपचुनाव को निर्विरोध कराया जाना उचित होगा.” उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस का होगा. सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से नामांकन दाखिल किया है. हालांकि, निर्विरोध चुनाव की अपीलों के बीच कांग्रेस ने 23 अप्रैल के लिए निर्धारित उपचुनाव के लिए वकील आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया था. एनसीपी (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से इसी तरह की अपील की।
सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से की थी अपील
सुप्रिया सुले ने कहा, “अजितदादा ने पहले कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और हमेशा आपकी पार्टी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे. बारामती में निर्विरोध चुनाव उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगा.” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि कृपया अपनी उम्मीदवारी वापस लें और यह सुनिश्चित करें कि यह चुनाव निर्विरोध हो।”
सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ से की थी बात- सूत्र
इससे पहले, एनसीपी (SP) विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर पार्टी से उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह किया, ताकि सुनेत्रा पवार के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो सके. रोहित पवार ने कहा, “मुझे विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी.” सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले सुनेत्रा पवार ने भी सपकाल से बात कर उनसे अनुरोध किया था कि वह सुनिश्चित करें कि कांग्रेस उम्मीदवार उनके खिलाफ नामांकन वापस ले।
कांग्रेस ने नाम वापसी के लिए रखी थी ये शर्त
कांग्रेस ने कहा था कि वह चुनाव से तभी हटेगी जब जनवरी में हुई विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के मामले में महाराष्ट्र में मामला दर्ज किया जाएगा।
सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
चुनाव की तैयारियों के बीच माहौल उस समय तल्ख हो गया जब सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने हाल में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारने की आलोचना की. रोहित पवार ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अपने चचेरे भाई पार्थ पवार की टिप्पणियों पर खेद जताया है. उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस अपने नेतृत्व से चर्चा के बाद उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी.”एनसीपी (SP) नेता ने कहा कि कांग्रेस ने यह सही संदेश दिया है कि विमान दुर्घटना मामले में न्याय मिलना चाहिए और महाराष्ट्र में केस दर्ज की जानी चाहिए।
शरद पवार ने पहले ही उम्मीदवार न देने की की थी घोषणा
शरद पवार की एनसीपी (SP) ने पहले ही घोषणा की है कि वह सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी. बीजेपी नेता और राज्य सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यदि कांग्रेस ने एनसीपी अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को बारामती विधानसभा उपचुनाव में निर्विरोध जीतने नहीं दिया, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे. बावनकुले ने नागपुर में कहा, “अगर कांग्रेस सुनेत्रा पवार को बारामती से निर्विरोध नहीं जीतने देती है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे. यदि वह अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं लेती है, तो उसका पतन बारामती से ही शुरू होगा।”
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