झारखंड को केंद्र सरकार का तोहफा
रांची। बारिश के बाद जमा पानी को स्वच्छ रखने, सप्लाई वाले वाटर टैंकर की सफाई और मरम्मत के लिए केंद्र सरकार से पेयजल स्वच्छता विभाग को 65 करोड़ की सहायता राशि मिल रही है।
जल जमाव होने से कई तरह की बीमारियां आसपास फैलती हैं। पेयजल स्वच्छता विभाग ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव से इनपर नियंत्रण करता है।
इस मद में केंद्र सरकार राज्यों को राशि उपलब्ध कराती है। जून के आखिरी सप्ताह तक यह राशि जिलों को आवंटित कर दी जाएगी। पेयजल स्वच्छता विभाग स्थानीय निकायों की मदद से जिलों में इसे खर्च करेगा।
पिछले साल इस मद में 53 करोड़ रुपए दिए गए थे। इसबार इसमें 12 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के मौसम में कई तरह की समस्याएं होती हैं।
इसके लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को राशि उपलब्ध कराती है। लेकिन पेयजल स्वच्छता विभाग को मिली यह राशि टैंकरों की मरम्मत और स्वच्छता के लिए खर्च होनी है।
50 प्रतिशत बंद हैंडपंप की हो चुकी है मरम्मत
राज्य में करीब 35 हजार खराब हैंडपंप की मरम्मत हो चुकी है। बता दें कि पेयजल स्वच्छता विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुल 70 हजार हैंडपंप खराब पड़े थे। वित्त एवं योजना विभाग से राशि मिलने के बाद इनमें से आधे की मरम्मत कर दी गई है।
इससे संबंधित रिपोर्ट भी विभाग को जिलों से मिल गई है। बाकी के खराब जल स्रोतों की मरम्मत जून के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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