बिहार का मखाना होगा इंटरनेशनल ब्रांड, PM मोदी की पहल से किसान होंगे मालामाल
बिहार में मखाना की खेती और व्यवसाय से जुड़े किसानों किसानों और व्यवसायियों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल अब बिहार के पूर्णिया, कोसी और मिथिलांचल का जल्द ही इंटरनेशनल फूड बनकर सामने आएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरिशस में बिहार के मखाना को इंटरनेशनल फूड बनाने की घोषणा तक कर दी. वहीं लोकसभा अध्यक्ष ने भी लोकसभा के कैंटीन में मखाना को स्नैक्स के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया है. इससे जहां मखाना के कारोबार से जुड़े लाखों किसानों और व्यवसायियों में खुशी है, वहीं इंटरनेशनल मार्केट में बिहार को एक नई पहचान मिलने जा रही है.
दरअसल पूरे विश्व के 90 प्रतिशत मखाना की खेती पूर्णिया, सीमांचल, कोसी और मिथिला एरिया में होती है. ऐसे में जब से बिहार के मखाना को जियो टैगिंग मिला है और मखाना की पैकेजिंग शुरू हुई है. तभी से अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा समेत कई देशों में पूर्णिया के मखाना की डिमांड होने लगी है. लेकिन, अब तो जहां लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा के कैंटीन में मखाना स्नेक्स को शामिल करने का निर्देश दिया है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मॉरिशस यात्रा के दौरान मॉरीशस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को बिहार का मखाना और महाकुंभ संगम का जल भेंट किया. साथ ही उन्होंने बिहार के मखाना को इंटरनेशनल फूड बनाने की घोषणा तक कर दी.
व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों में खुशी
पीएम नरेंद्र मोदी के घोषणा से यहां के व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों में काफी खुशी है. व्यवसायी अरविंद कुमार भोला ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस पहल से अब बिहार का मखना इंटरनेशनल फूड बनेगा. पहले भी मखाना का डिमांड कई देशों में होता था. लेकिन, अब और बढ़ावा मिलेगा. वहीं पूर्णिया के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा और सदर विधायक विजय खेमका ने मखाना को इंटरनेशनल फूड घोषित करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. वहीं लोकसभा में भी स्नैक्स के रूप में मखाना को शामिल करने पर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का भी धन्यवाद दिया हैं.
पूर्णिया में मखाना बोर्ड का गठन करने की मांग
उन्होंने कहा कि विश्व का 90 प्रतिशत मखाना पूर्णिया, सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल में होता है. यहां के किसान काफी मेहनत से मखाना का उत्पादन करते हैं. प्रधानमंत्री के इस पहल से मखाना किसानों को काफी फायदा होगा. उन्होंने कहा कि इससे मखाना किसाने की आमदनी बढ़ेगी और बिहार की पहचान देश दुनिया में बढ़ेगी. वहीं पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने कहा कि पूर्णिया और कटिहार में मखाना की सबसे अधिक पैदावार होती है. पूर्णिया का भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज मखाना के क्षेत्र में काफी काम कर रही है. इसलिए वे लोग केंद्रीय मंत्री से मिलकर मखाना बोर्ड का गठन पूर्णिया में करने की मांग करेंगे. इससे इस इलाके को काफी फायदा होगा.
बिहार के किसानों और मखाना कारोबारियों की बल्ले-बल्ले!
बता दें, मखाना को पूर्व में ही सुपर फूड घोषित किया गया है. इस केंद्रीय बजट में बिहार मैं मखाना बोर्ड के गठन का भी निर्णय लिया गया है. वहीं अब प्रधानमंत्री ने जहां मखाना को इंटरनेशनल फूड बनाने की घोषणा की है. वहीं लोकसभा अध्यक्ष ने भी कैंटीन में स्नैक्स के रूप में मखाना को शामिल करने की घोषणा की है. इससे बिहार के मखाना कारोबारी और किसाने की बल्ले बल्ले है. अब उन्हें एक अलग पहचान तो मिलेगी ही साथ ही उनकी आमदनी भी कई गुना बढ़ जाएगी.
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