लड़ाकू विमान, ड्रोन और मिसाइलों का दुश्मन बना आकाश सिस्टम
जब अजरबैजान-अर्मेनिया, रूस-यूक्रेन और फिलिस्तीन-इजराइल जैसे देश युद्ध के मैदान में आमने-सामने खड़े हुए, तो हमारी सेना को भी यह एहसास हुआ कि भविष्य के युद्धों के लिए एक मजबूत और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम कितना जरूरी है। इसी संदर्भ में भारत की तीनों सेनाओं ने न केवल अपनी युद्ध नीति और रणनीति को बदला, बल्कि अपने हथियारों और रक्षा प्रणाली को भी अपग्रेड करना शुरू कर दिया। इसी का परिणाम है कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सशक्त होता जा रहा है।
स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम की ताकत
आपको बता दें कि आज जब दुनिया में कई देशों के बीच युद्ध चल रहे हैं, तो एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। एक समय था जब भारतीय सेना एक सुई तक के लिए विदेशों पर निर्भर रहती थी, लेकिन आज भारत की ताकत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।
भारतीय सेना की ताकत में हाल ही में एक और शानदार इजाफा हुआ है, स्वदेशी “आकाश” एयर डिफेंस सिस्टम। इसे DRDO और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड ने मिलकर विकसित किया है। अब अन्य देशों की भी इस मिसाइल सिस्टम पर नजर है। जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया, तो पूरी दुनिया ने इसकी क्षमताओं को देखा और सराहा।
आकाश मिसाइल की खासियतें
यह एक शॉर्ट रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल है।
यह 20 किमी तक की ऊँचाई और 25 किमी तक की दूरी तक लक्ष्य को पहचान कर नष्ट कर सकती है।
एक साथ चार हवाई लक्ष्यों को एंगेज कर सकती है।
यह मिसाइल पूरी तरह ऑटोमैटिक है।
लड़ाकू विमान, क्रूज मिसाइल, हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल और ड्रोन जैसे लक्ष्यों को नष्ट कर सकती है।
यह 20 फीट लंबी है, वजन 710 किलोग्राम है और 60 किलोग्राम का वॉरहेड ले जा सकती है।
आकाश मिसाइल सिस्टम के वेरिएंट्स
मार्क-1 – प्रारंभिक संस्करण
आकाश-1S – इंडीजिनियस सीकर के साथ अपग्रेडेड संस्करण
आकाश प्राइम – उच्च ऊंचाई और कम तापमान पर ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया
आकाश-NG – अगली पीढ़ी का एडवांस वर्जन
तकनीकी ताकत और रडार सिस्टम
18–20 किमी ऊंचाई तक मारक क्षमता
80 किमी मल्टी-फंक्शन रडार द्वारा कवरेज
120 किमी तक की रेंज वाला केंद्रीय अधिग्रहण रडार
एक बार में 8 मिसाइलों को निर्देशित कर सकती है
एक साथ 4 लक्ष्यों पर हमला कर सकती है
प्रत्येक बैटरी में 4 लॉन्चर होते हैं, हर लॉन्चर में 3 मिसाइलें होती हैं
निर्यात और वैश्विक मांग
भारत ने 6,000 करोड़ रुपये की डील के तहत आकाश सिस्टम को आर्मेनिया को निर्यात किया है। अब ओमान से भी इसके लिए बातचीत जारी है। यह भारत के लिए एक बड़ा रक्षा निर्यात उपलब्धि है।
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