614 प्रत्याशी मैदान में, हरियाणा में चुनावी मुकाबला रोचक
चंडीगढ़। हरियाणा में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर चल रहा गहमागहमी भरा प्रचार अभियान शुक्रवार शाम को पूरी तरह थम गया, जिसके साथ ही अब राज्य की चुनावी जंग निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। आगामी 10 मई को सुबह आठ बजे से मतदाता सात प्रमुख निकायों और विभिन्न पंचायतों के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार के चुनावों में कुल 614 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला करने के लिए चुनाव आयोग ने सभी आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
चुनावी रणक्षेत्र और उम्मीदवारों का विवरण
राज्य के विभिन्न हिस्सों जैसे अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में मेयर पद के साथ-साथ वार्ड पार्षदों के लिए मतदान होना है, वहीं रेवाड़ी, उकलाना और धारूहेड़ा जैसे क्षेत्रों में अध्यक्ष पद के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। स्थानीय निकायों के अलावा जिला परिषद और पंचायत समिति की रिक्त सीटों पर भी इसी दिन वोट डाले जाएंगे, हालांकि राहत की बात यह है कि कई सीटों पर प्रतिनिधियों का चयन निर्विरोध हो चुका है। कुछ विशेष वार्डों में उपचुनाव की स्थिति भी बनी हुई है, जहाँ मेयर और पार्षद पद के प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए अंतिम समय तक सक्रिय रहे।
चुनाव आयोग की नई पहल और सुरक्षा व्यवस्था
हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मतदाताओं के घर-घर जाकर वोटर स्लिप वितरित करने की व्यवस्था की है। यह पहली बार है जब स्थानीय चुनावों में मतदाताओं की सुविधा के लिए ऐसी पहल की गई है ताकि मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही मतदाता सूची में नाम दोहराए जाने की समस्या से निपटने के लिए आयोग ने सख्त नियम बनाए हैं, जिसके तहत संदिग्ध मतदाताओं को मतदान केंद्र पर घोषणा पत्र भरना होगा और उनकी पहचान की गहनता से जांच की जाएगी ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकें।
सत्ताधारी दल की सघन चुनावी रणनीति
भारतीय जनता पार्टी ने इन चुनावों को प्रतिष्ठा का विषय बनाते हुए अपनी पूरी कैबिनेट को मैदान में उतार दिया है, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं सबसे आगे नजर आए। मुख्यमंत्री ने न केवल बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए वार्डों का दौरा भी किया और नाराज प्रत्याशियों को मनाने में सफलता प्राप्त की। पार्टी ने प्रत्येक निकाय के लिए मंत्रियों की विशेष ड्यूटी लगाई थी, जिससे स्पष्ट होता है कि वे बूथ स्तर तक अपने संगठन को सक्रिय रखकर जीत सुनिश्चित करने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं।
विपक्ष का जोरदार पलटवार और जनसंपर्क
कांग्रेस पार्टी की ओर से भी दिग्गजों ने चुनाव प्रचार में अपना पूरा दम दिखाया है और विशेष रूप से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सभी सात निकायों में सघन दौरे कर जनसभाओं को संबोधित किया। विपक्षी दल ने मतदाता सूची की खामियों को उजागर कर सरकार को घेरने की कोशिश की और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न जिलों में कमान संभालकर माहौल को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया। दिग्गज नेताओं के साथ-साथ सांसदों और विधायकों ने भी अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में पसीना बहाया है, जिससे इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होने की उम्मीद है।
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