400 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस: निलंबित CBI जज सुधीर परमार को बड़ी राहत, मिली क्लीन चिट
चंडीगढ़: 400 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में फंसे और ईडी (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए निलंबित स्पेशल सीबीआई जज सुधीर परमार को बड़ी राहत मिली है। विभागीय समिति की जांच में परमार को क्लीन चिट दी गई है। हालांकि, जांच अधिकारी की रिपोर्ट को अभी हाईकोर्ट प्रशासन ने स्वीकार नहीं किया है। परमार पर कथित रूप से ईडी और सीबीआई मामलों में रियल एस्टेट डेवलपर्स को फायदा पहुंचाने के लिए पक्षपात और कदाचार के आरोप लगे थे।
सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी निडरभव गिल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश (जालंधर) ने अपनी रिपोर्ट में परमार के खिलाफ गंभीर आरोप साबित नहीं पाए। यह रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी गई है, जिसे अब विजिलेंस डिसिप्लिनरी कमेटी द्वारा जांचा जाएगा। उसके बाद ही रिपोर्ट पूर्ण न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी। जांच प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2024 को हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत शुरू की गई थी। यदि हाईकोर्ट प्रशासन इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लेता है तो यह हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो के लिए एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि ब्यूरो ने ही परमार के खिलाफ कदाचार की कार्रवाई शुरू की थी।
सुधीर परमार को अप्रैल 2023 में निलंबित किया गया
गौरतलब है कि सुधीर परमार को अप्रैल 2023 में निलंबित किया गया था। इसके बाद उन्हें 10 अगस्त से 2 नवंबर 2023 तक जेल में भी रहना पड़ा। उन पर आरोप था कि उन्होंने कुछ रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ चल रहे मामलों में कथित रूप से आरोपियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की थी। अब जबकि विभागीय जांच अधिकारी ने परमार को क्लीन चिट दे दी है, अंतिम फैसला हाईकोर्ट प्रशासन के हाथ में है। अगर क्लीन चिट स्वीकार हो जाती है, तो न केवल परमार की छवि सुधरेगी बल्कि यह ईडी और हरियाणा विजिलेंस की कार्यवाही पर भी सवाल खड़े करेगा। आने वाले दिनों में इस मामले पर हाईकोर्ट प्रशासन का रुख सभी की नजरों में होगा।
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