तुर्की का घातक युद्धपोत पहुंचा पाकिस्तान, भारत की चिंता बढ़ी
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच तुर्की का झुकाव पाकिस्तान की तरफ बढ़ता जा रहा है. अंकारा से तुर्की वायुसेना के सी-130 विमान के कराची में उतरने के कुछ दिनों बाद, तुर्की नौसेना का एक युद्धपोत रविवार को कराची बंदरगाह पर पहुंचा. जिसने एक बार फिर भारत की चिंता बढ़ा दी है. तुर्की नौसेना के एडा-क्लास ASW कोरवेट्स का दूसरा जहाज TCG Büyükada 7 मई तक कराची में रहने की उम्मीद है.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक जहाज का आना तुर्की के राजदूत डॉ. इरफान नेजीरोग्लू द्वारा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात कर ‘पाकिस्तान के साथ अंकारा की एकजुटता’ व्यक्त करने के एक दिन बाद हुआ है. पाकिस्तानी नौसेना के आधिकारिक बयान में टीसीजी बुयुकाडा की यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना है.
बयान में कहा गया है कि इसका उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना और समुद्री सहयोग को मजबूत करना है. जबकि पाक मीडिया इस बात पर जोर दे रही है कि ये भारत के खिलाफ तुर्की और पाकिस्तान की एकजुटता का नतीजा है. कराची पहुंचने से पहले जहाज ने 29 अप्रैल से 1 मई के बीच ओमान के बंदरगाह का दौरा किया था. इससे पहले, जहाज मलेशिया के लिए रवाना हुआ था. तुर्की के अधिकारियों ने पहले कहा था कि यह यात्रा सिर्फ़ ‘सद्भावना’ के लिए है.
कितना ताकतवर है तुर्की का युद्धपोत?
TCG Büyükada तुर्की नौसेना का पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) कोरवेट की एडा-क्लास सिरीज का दूसरा जहाज है. इसे 2013 में तुर्की के MİLGEM राष्ट्रीय युद्धपोत कार्यक्रम के हिस्से के रूप में कमीशन किया गया था. इन जहाजों को सतही युद्ध, पनडुब्बी रोधी अभियानों और गश्ती मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है.
जहाज एडवांस रडार सिस्टम, 76 मिमी नौसैनिक बंदूक, जहाज एंटी मिसाइलों और टारपीडो लांचर से सुसज्जित है. इसमें समुद्री विमानन संचालन का समर्थन करने के लिए एक हेलीकॉप्टर लैंडिंग पैड और हैंगर भी है. यह कार्वेट खुले समुद्र में काम कर सकता है और इसकी रेंज विस्तारित क्षेत्रीय मिशनों के लिए काफी है.
भारत के लिए बढ़ी चिंता
तुर्की वायु सेना का विमान और अब नेवी का जहाज का पाकिस्तान ऐसे समय में आना जब भारत के साथ तनाव अपने चरम पर है. गंभीर चिंता को जन्म दे रहा है. दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा संबंध हैं और हाल ही में दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अतातुर्क-XIII’ आयोजित किया, जिसमें दोनों विशेष बलों की लड़ाकू टीमों ने मिलकर अभ्यास किया.
बता दें पाकिस्तान ने 2022 में तुर्की के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत तुर्की पाकिस्तानी नौसेना के लिए चार MİLGEM कॉर्वेट का निर्माण करेगी. दो जहाज इस्तांबुल में बनाए जाएंगे, जबकि बाकी दो पाकिस्तान के कराची शिपयार्ड में बनाए जाएंगे. पहले जहाज पीएनएस बाबर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.
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