PM मोदी के दौरे का असर, पंजाब में बदला ट्रेनों का रूट; यात्रियों को परेशानी
जालंधर:जालंधर कैंट स्टेशन पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बेहद सतर्क हो गया है। वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री की सेहत और आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए व्यापक और कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए विशेष रूप से चार उच्च स्तरीय चिकित्सा टीमों का गठन किया है, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहेंगी।
एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात
गठित की गई प्रत्येक वीवीआईपी मेडिकल टीम में अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिसमें प्रमुख मेडिकल स्पेशलिस्ट, आर्थोपेडिक्स या जनरल सर्जन, एंस्थीसिया विशेषज्ञ, पैथोलाजिस्ट और फार्मासिस्ट शामिल हैं। यह सभी टीमें आधुनिक तकनीक से लैस एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के साथ मौके पर मुस्तैद रहेंगी। इन एंबुलेंसों में आपातकालीन जीवन रक्षक दवाएं, पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप से मेल खाते चार यूनिट सुरक्षित रक्त की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सिविल अस्पताल, पीएपी अस्पताल, सैन्य अस्पताल और दो बड़े निजी अस्पतालों को आपातकालीन अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षा ब्लॉक के कारण 15 महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों के पहिये थमने के आसार
प्रधानमंत्री के दौरे और सुरक्षा कारणों के मद्देनजर रेलवे प्रशासन द्वारा भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। कैंट स्टेशन पर सुरक्षा प्रबंधों को पुख्ता करने के लिए 17 जुलाई को दोपहर दो बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक विशेष सुरक्षा ब्लॉक लिए जाने की संभावना है। यदि यह ब्लॉक प्रभावी होता है, तो इस समयावधि के दौरान रूट पर संचालित होने वाली करीब 15 प्रमुख रेलगाड़ियों का आवागमन सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है। इनमें से सात ऐसी महत्वपूर्ण ट्रेनें हैं जिनका जालंधर कैंट स्टेशन पर नियमित ठहराव है, और यदि ब्लॉक का समय दोपहर दो बजे से पहले किया जाता है, तो प्रभावित ट्रेनों की यह संख्या दोगुनी भी हो सकती है।
जम्मू रूट की ट्रेनों के लिए डायवर्जन प्लान, अंतिम निर्णय पर टिकी निगाहें
रेलवे ऑपरेशंस के अनुसार, सबसे अधिक परिचालन संबंधी चुनौती जम्मू की ओर से आने वाली रेलगाड़ियों के संचालन को लेकर खड़ी हो सकती है। यदि इन ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर रोकना संभव नहीं हुआ, तो रेलवे प्रशासन वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकता है, जिसके तहत ट्रेनों को जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से मोड़कर नकोदर रेललाइन के रास्ते लुधियाना के लिए रवाना किया जाएगा। इस पूरे अस्थायी रूट डायवर्जन और ब्लॉक के सटीक समय को लेकर रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की उच्च स्तरीय बैठक के बाद अंतिम रूपरेखा पूरी तरह साफ हो पाएगी।
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