कैथल। हरियाणा में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (एसडीयू) की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मुस्तैदी दिखाते हुए बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया है। इस बड़ी रिकवरी के बाद से नशा तस्करों के पूरे सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है और पुलिस इसे इस साल की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाइयों में से एक मान रही है।

तीन करोड़ रुपये मूल्य का साढ़े उन्नीस क्विंटल डोडा पोस्त बरामद

एसडीयू की टीम द्वारा की गई इस छापामार कार्रवाई के दौरान करीब 19.5 क्विंटल डोडा पोस्त की एक विशाल खेप को जब्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद किए गए इस मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। तस्कर इस भारी खेप को स्थानीय स्तर पर खपाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण उनके मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फिर गया।

कलायत क्षेत्र में चली रेड और छह संदिग्ध आरोपी हिरासत में लिए गए

डीएसपी रोहताश ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें कलायत क्षेत्र में नशे की एक बड़ी खेप के पहुंचने की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। सूचना की तस्दीक होते ही एसडीयू की टीम ने बिना वक्त गंवाए चिन्हित ठिकाने पर पूरी घेराबंदी के साथ रेड की। मौके से भारी मात्रा में डोडा पोस्त बरामद करने के साथ ही पुलिस ने इस अवैध कारोबार में लिप्त छह आरोपियों को भी घेराबंदी करके हिरासत में ले लिया है।

तस्करी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने में जुटी पुलिस

पकड़े गए सभी छह आरोपियों को थाने लाकर पुलिस की विशेष टीम द्वारा बेहद गहनता से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ के जरिए अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नशे की यह इतनी बड़ी खेप मूल रूप से किस राज्य या जिले से तस्करी कर यहां लाई गई थी और स्थानीय स्तर पर इसके मुख्य खरीदार कौन-कौन थे। पुलिस इस नेटवर्क के पीछे छिपे मुख्य सरगनाओं की पहचान करने में जुटी है।

पूरे गिरोह के पर्दाफाश के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेगी कोर्ट

इस संवेदनशील मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि जांच का दायरा काफी बड़ा है और जल्द ही कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों को जल्द ही स्थानीय अदालत में पेश करेगी, जहां से उनकी पुलिस रिमांड मांगी जाएगी। रिमांड के दौरान आरोपियों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी ताकि इस पूरे अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सके।