मुंबई-पुणे सफर होगा आसान, रेलवे दबाव कम करने के लिए 200 अतिरिक्त बसों का संचालन
मुंबई: महाराष्ट्र के कर्जत-लोनावला रेल खंड पर मूसलाधार बारिश और अचानक हुए भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसके चलते लगभग 30 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। रेल सेवा अचानक ठप हो जाने से हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) ने मोर्चा संभाल लिया है। यात्रियों की सहूलियत के लिए परिवहन निगम ने मुंबई और पुणे के बीच आज से ही प्रतिदिन 200 अतिरिक्त बस फेरे शुरू करने का एक बहुत बड़ा फैसला लिया है।
नियमित ई-शिवनेरी के साथ चलेंगी अतिरिक्त बसें
इस आपातकालीन योजना के अंतर्गत मुंबई और पुणे के बीच रोजाना चलने वाली 312 अत्याधुनिक ई-शिवनेरी बसों के सामान्य फेरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इन वातानुकूलित बसों के अलावा ही 200 अतिरिक्त साधारण बसें चलाई जा रही हैं, ताकि रेल यातायात बंद होने से फंसे आम यात्रियों को तुरंत और किफायती यात्रा का विकल्प मिल सके। प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि अचानक बढ़े यात्री भार को आसानी से संभाला जा सके और स्टेशनों पर भीड़ जमा न हो।
परिवहन विभाग की मुस्तैदी और डिपो को सख्त निर्देश
परिवहन विभाग ने राज्य के सभी संबंधित बस डिपो और टर्मिनलों को अत्यंत सतर्क रहने के स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों को साफ कहा गया है कि यदि बस अड्डों पर मुसाफिरों की संख्या में और इजाफा होता है, तो बिना किसी देरी के तुरंत और भी अधिक बसें सड़कों पर उतारी जाएं। इस संकट काल में यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बिना किसी बाधा के उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए पूरा एसटी प्रशासन जमीनी स्तर पर पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रहा है।
परिवहन मंत्री का आश्वासन और बसों की संख्या बढ़ाने का वादा
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने खुद इस विशेष और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था की पुष्टि की है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि जब तक इस रूट पर रेल सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं हो जातीं, तब तक जनता को हर संभव परिवहन सुविधा देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि यदि आने वाले दिनों में आवश्यकता महसूस हुई, तो बसों की इस संख्या को और भी ज्यादा बढ़ा दिया जाएगा।
लाखों नौकरीपेशा और दैनिक यात्रियों को मिली बड़ी राहत
मुंबई और पुणे दो ऐसे प्रमुख शहर हैं जिनके बीच रोजाना लाखों की संख्या में नौकरीपेशा, व्यापारी और आम लोग ट्रेनों के जरिए सफर करते हैं। रेलवे ट्रैक बाधित होने से इन सभी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था, लेकिन एसटी महामंडल द्वारा समय रहते लिए गए इस त्वरित और जनहितैषी फैसले ने कामकाजी वर्ग को एक बेहद बड़ी राहत दी है, जिससे अब दोनों शहरों के बीच आवाजाही सुचारू रूप से चल सकेगी।
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