ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मानपाड़ा इलाके के तहत आने वाले आजाद नगर की मद्रास चॉल में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन पहली मंजिल का स्लैब अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस घटना के दौरान वहाँ नीचे मौजूद एक महिला और दो मासूम बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे ने अपनी जान गंवा दी है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

मलबे से रेस्क्यू और अस्पताल में इलाज

हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। बचाव दल ने स्थानीय निवासियों की मदद से मलबे को हटाकर उसमें दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला और बिना वक्त गंवाए नजदीकी अस्पताल भेजा। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि 10 साल के मासूम जयकुमार जायसवाल ने सिविल अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई 30 वर्षीय उर्मिला जायसवाल और 8 वर्षीय विनीत कुमार जायसवाल का अस्पताल में उपचार चल रहा है, जहाँ डॉक्टर्स उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

पुरानी संरचना और प्रशासनिक छानबीन

शुरुआती तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक, यह मद्रास चॉल तकरीबन 25 से 30 साल पुरानी बताई जा रही है। चॉल के जिस हिस्से में नया निर्माण कार्य किया जा रहा था, वही हिस्सा अचानक ढह गया। इस घटना के फौरन बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और यह जांच शुरू कर दी है कि क्या निर्माण कार्य के समय सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। फिलहाल, मौके पर राहत और बचाव का काम पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है।

इलाके में खौफ और सुरक्षा पर सवाल

इस भीषण हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों में काफी डर और रोष देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि पुरानी इमारतों या ढांचों में जब भी कोई नया निर्माण हो, तो सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने चाहिए। फायर ब्रिगेड के डिप्टी कमिश्नर दिनेश तायडे ने मीडिया को बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब विभाग हादसे की असली वजहों का पता लगाने के लिए गहराई से तफ्तीश कर रहा है।

नेताओं का दौरा और सख्त कार्रवाई का भरोसा

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर मुमकिन सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन का साफ कहना है कि इस मामले की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को