पटना। बिहार के तमाम इलाकों में मानसूनी हवाओं के दस्तक देने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी पटना सहित सूबे के अधिकांश हिस्सों में बीते कल देर रात से ही रुक-रुक कर रिमझिम और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। इस लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने से आम जनजीवन पर असर पड़ा है, लेकिन दूसरी तरफ चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को इस मानसूनी फुहार ने बड़ी राहत पहुंचाई है।

बिहार में मानसून की धुआंधार एंट्री और मौसम का नया मिजाज

राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बादलों के डेरा डालने से पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद अचानक हुई इस झमाझम बारिश के कारण वातावरण में ठंडक घुल गई है, जिससे लोगों को घरों में पंखे और एसी तक चलाने की जरूरत महसूस नहीं हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ने के कारण राज्य के तापमान में यह तब्दीली आई है, जिसने पूरे प्रदेश को भीषण उमस से निजात दिला दी है।

सूबे के बीस जिलों में प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी

तेज हवाओं और गरज-चमक की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के करीब बीस महत्वपूर्ण जिलों के लिए सतर्कता की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और नालंदा सहित कई संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। अगले कुछ घंटों में इन क्षेत्रों में तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और मध्यम दर्जे की बारिश होने की आशंका जताई गई है।

आगामी पांच दिनों तक राजधानी में सक्रिय रहेंगी मानसूनी गतिविधियां

मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अनुमान के मुताबिक राजधानी वासियों को आने वाले पांच दिनों तक धूप और उमस से पूरी राहत मिलने वाली है। आसमान में घने बादलों की आवाजाही के साथ ही रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे अधिकतम तापमान बत्तीस डिग्री और न्यूनतम तापमान छब्बीस डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की उम्मीद है। इस दौरान लगातार होने वाली मानसूनी बारिश के कारण शहर के मौसम में ठंडक और सुहानापन पूरी तरह बरकरार रहेगा।

बीते चौबीस घंटों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ वर्षा और तापमान का हाल

पिछले एक दिन के भीतर राज्य के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिसमें पश्चिम चंपारण और गोपालगंज जैसे उत्तरी जिलों में भारी से अति भारी वर्षा शामिल है। इस दौरान मैनाटांड़ में सबसे ज्यादा पानी बरसा है, जबकि कैमूर जिला सूबे में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। कई इलाकों में तेज मानसूनी हवाओं के चलने से पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की भी खबरें हैं, वहीं गया में रात का तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया गया है।