सड़क की मांग को लेकर नवनीत सिंह तोमर का अनशन, बिगड़ी तबीयत से प्रशासन चिंतित
श्यामपुर (मुरैना):क्षेत्र के विकास और पक्की सड़क की मांग को लेकर जोहा की हवेली निवासी युवा नवनीत सिंह तोमर का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। अपनी जिद और जनहित के संकल्प के कारण उन्होंने अन्न और जल दोनों का पूरी तरह त्याग कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप उनके स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ रही है। धरना स्थल पर मौजूद चिकित्सकों और ग्रामीणों ने उनके गिरते स्वास्थ्य स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में स्थिति अत्यंत गंभीर और अनियंत्रित हो सकती है।
दलदल भरे रास्तों से मुक्ति और जनहित के लिए युवाओं का शंखनाद
धरने पर बैठे नवनीत सिंह तोमर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह सत्याग्रह किसी व्यक्तिगत लाभ या निजी स्वार्थ के लिए नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के हजारों उपेक्षित ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई है। श्यामपुर खुर्द से लेकर जोहा की हवेली और उससे जुड़े अन्य मजरों-टोलों तक जाने वाला मार्ग आज के आधुनिक युग में भी पक्का नहीं हो सका है। स्थिति इतनी विकट है कि मानसून की पहली बारिश होते ही पूरा कच्चा रास्ता गहरे कीचड़ और दलदल के टापू में बदल जाता है, जिससे आम जनता का अपने घरों से बाहर कदम रखना भी दूभर हो जाता है।
बदहाल मार्ग के कारण शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह ठप
इस अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का दर्द भी छलक उठा है। उनका कहना है कि इस जर्जर और कीचड़युक्त रास्ते की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों के भविष्य को हो रहा है, जो समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते और उनकी पढ़ाई छूट रही है। इसके साथ ही, गांव के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता है। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि इससे पहले भी कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, परंतु हर बार केवल खोखले आश्वासन ही हाथ लगे, धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ।
जब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक पीछे नहीं हटेंगे आंदोलनकारी
सत्याग्रह के समर्थन में धरना स्थल पर लगातार सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों का पहुंचना जारी है, जिन्होंने आंदोलनकारी के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया है कि जब तक सड़क निर्माण का काम प्रत्यक्ष रूप से शुरू नहीं हो जाता, तब तक यह प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। आंदोलन के माध्यम से स्थानीय सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों से यह पुरजोर मांग की गई है कि वे इस जनहित के मुद्दे को प्राथमिकता पर लें। प्रशासन को तुरंत धरना स्थल पर आकर आंदोलनकारी से सम्मानजनक वार्ता करनी चाहिए और लिखित आश्वासन देकर इस गतिरोध को समाप्त कराना चाहिए, क्योंकि यह सड़क अब केवल एक मार्ग नहीं बल्कि ग्रामीणों के जीवन और सुरक्षा का आधार बन चुकी है।
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