ईशांत हत्याकांड का खुलासा, अपहरण के बाद हत्या कर 12 फीट नीचे दफनाया शव
समस्तीपुर। नौवीं कक्षा के छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में अब तक सामने आए तथ्यों से यह आशंका जताई जा रही है कि किशोर की हत्या किसी तात्कालिक गुस्से या आवेश का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसे एक बेहद सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। अंदेशा है कि बीते 10 जून को अपहरण करने के कुछ ही घंटों के भीतर छात्र की जीवनलीला समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद वारदात को छुपाने के लिए शव को प्लास्टिक की कई परतों में लपेटकर पहले से तैयार करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। जिस लाडले की सुरक्षित वापसी के लिए परिजन 29 दिनों तक दर-दर भटकते रहे, उसका शव आखिरकार उसी गहरे गड्ढे से बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
आरोपी से पूछताछ में खुले कई राज
पुलिस रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपी नंद कुमार सिंह उर्फ आनंदी सिंह से कड़ाई से की गई पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने कुबूल किया है कि अपहरण के कुछ ही घंटों बाद ईशांत को मौत के घाट उतार दिया गया था। हालांकि, पुलिस प्रशासन महज इस बयान को अंतिम सच नहीं मान रहा है और आरोपी के दावों का मिलान फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य डिजिटल सबूतों से करा रहा है ताकि घटना की सही कड़ियों को जोड़ा जा सके।
सोची-समझी साजिश के तहत वारदात को अंजाम
जिस खेत से छात्र का शव बरामद हुआ है, वहां वारदात से पहले ही एक गहरा गड्ढा खोद कर तैयार रखा गया था। इस तथ्य ने पुलिस के इस शक को पुख्ता कर दिया है कि हत्याकांड की पूरी रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली गई थी। शव को प्लास्टिक की मोटी परतों में इसलिए लपेटा गया था ताकि सड़ने के बावजूद दुर्गंध बाहर न आए और लंबे समय तक किसी को इस खौफनाक कृत्य की भनक तक न लग सके। पुलिस अब इस अमानवीय कृत्य के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या किसी अन्य गुप्त मकसद के कोण से भी गहनता से तफ्तीश कर रही है।
29 दिनों की तलाश के बाद मिला शव
विगत 10 जून की शाम को ईशांत अपने कुछ दोस्तों के बुलाने पर घर से निकला था, जिसके बाद वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन करने के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन एसआईटी का गठन किया गया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश शुरू हुई। करीब 29 दिनों तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद बुधवार की देर रात आरोपी की निशानदेही पर कलना चौर इलाके में खुदाई की गई, जहाँ से छात्र का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। इस दुखद खबर के बाद मृतक के माता-पिता और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम के साथ-साथ भारी आक्रोश व्याप्त है।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के वास्तविक कारणों, साजिश में शामिल अन्य संभावित चेहरों और शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले मददगारों का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि मामले की जांच अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आते ही पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घिनौनी वारदात में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हर एक दोषी को चिन्हित कर उसके खिलाफ कानून के दायरे में सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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