चंडीगढ़। पंजाब पुलिस ने राज्य के विभिन्न पुलिस थानों में लंबे समय से धूल फांक रहे लावारिस और जब्त वाहनों के निपटारे के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। इस विशेष मुहिम के तहत पुलिस ने राज्यभर के थानों को कबाड़ बन चुके वाहनों से मुक्त कराने में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस कदम से न केवल थानों की सूरत बदलेगी, बल्कि वहां काम करने वाले पुलिसकर्मियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ विशेष अभियान

पंजाब पुलिस की ओर से उठाया गया यह कदम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद अमल में लाया गया है। अदालत के आदेशों का पालन करते हुए पुलिस विभाग ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की और थानों में वर्षों से खड़े वाहनों की कानूनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए उनके निपटारे की प्रक्रिया तेज कर दी। बीते केवल एक महीने के भीतर ही पुलिस ने रिकॉर्ड स्तर पर काम करते हुए कुल 7,402 लावारिस और जब्त किए गए वाहनों का पूरी तरह निपटारा कर दिया है।

थानों को मिली बड़ी राहत और जगह की समस्या दूर

वर्षों से पुलिस परिसरों में जमा इन वाहनों के कारण थानों में भारी दबाव बढ़ रहा था। कई जगहों पर तो हालत यह थी कि पुलिसकर्मियों और अपनी शिकायतें लेकर आने वाले आम लोगों के लिए पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। इस बड़े स्तर पर हुए निपटारे के बाद अब पुलिस थानों को जगह की पुरानी और गंभीर समस्या से बड़ी राहत मिलने लगी है। परिसरों के खाली होने से थानों का माहौल सुधरेगा और वहां के कामकाज को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

थानों में जमा था वाहनों का भारी स्टॉक

पुलिस विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, जब इस विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की गई थी, तब राज्यभर के विभिन्न थानों और पुलिस की अलग-अलग यूनिटों में कुल 55,721 वाहन पुलिस की कस्टडी में मौजूद थे। ये वो वाहन थे जो या तो किसी आपराधिक मामले में जब्त किए गए थे या फिर लावारिस हालत में पाए गए थे, जिनका कोई दावेदार सामने नहीं आया था।

नए वाहनों की जब्ती से बढ़ी चुनौती

एक तरफ जहां पुराने वाहनों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की रूटीन कार्रवाई भी जारी रही। इसी अभियान के दौरान ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल तत्वों और अवैध कामकाज के खिलाफ पुलिस ने एक सघन चेकिंग अभियान भी चलाया। इस कड़ी कार्रवाई के चलते पिछले कुछ समय में 3,355 और नए वाहनों को जब्त किया गया, जिससे पुलिस के सामने चुनौती और बढ़ गई थी, लेकिन टीम ने बेहतर तालमेल से स्थिति को संभाला।