टीईटी स्कैम की जांच में बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र पुलिस ने बिहार में दी दबिश
हाजीपुर (बिहार):महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में कथित तौर पर हुई धांधली और अनियमितताओं के तार अब बिहार के वैशाली जिले से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस मामले की गहराई से जांच कर रही महाराष्ट्र पुलिस की एक विशेष टीम ने बुधवार की रात को हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के कचहरी रोड स्थित एक साइबर कैफे में अचानक दबिश दी। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके में अचानक अफरा-तफरी मच गई और देर रात तक पुलिस की टीमें वहां सक्रिय रहीं। परीक्षा से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद से स्थानीय स्तर पर भी हड़कंप का माहौल है।
स्थानीय सहयोग से साइबर कैफे में छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों की एक टीम हाजीपुर पहुंची। यहाँ स्थानीय नगर थाना पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कचहरी रोड पर स्थित संबंधित साइबर कैफे की घेराबंदी की गई। नगर थाना अध्यक्ष सिकंदर कुमार के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस बल ने कार्रवाई के दौरान पूरा सहयोग दिया। पुलिस टीम ने कैफे के भीतर मौजूद संचालक को हिरासत में लेकर काफी देर तक गहन पूछताछ की। इस दौरान कैफे के अंदर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी।
फर्जी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई टीईटी परीक्षा के लिए तैयार किए जा रहे फर्जी पहचान पत्रों, जाली प्रमाण पत्रों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क को खंगालने के उद्देश्य से की गई है। लगभग एक घंटे से भी अधिक समय तक चली इस छापेमारी में पुलिस ने कैफे में मौजूद कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क, डिजिटल रिकॉर्ड और कई अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की बारीकी से जांच की। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के लैपटॉप, मोबाइल फोन और ईमेल खातों के जरिए इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का सुराग लगाने की कोशिश कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क की हर कड़ी को आपस में जोड़ा जा सके।
पूर्व की गिरफ्तारियां और एसआईटी का गठन
इस मामले में महाराष्ट्र के भिवंडी से तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ के बाद मिले सुरागों के आधार पर ही जांच का दायरा बिहार तक पहुंचा है। उल्लेखनीय है कि इस कथित गड़बड़ी के सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित कर दिया था। पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो इस फर्जीवाड़े के मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि, अधिकारियों ने जांच के जारी रहने का हवाला देते हुए अभी किसी बड़ी बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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