18-19 जून को झारखंड में मौसम का कहर, 17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
रांची। झारखंड में लंबे इंतजार के बाद मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने के लिए तैयार है। प्रशांत महासागर में अल नीनो के प्रभाव और अब तक मॉनसून की सुस्ती के बाद, गुरुवार से राज्य में वर्षा तंत्र के दोबारा सक्रिय होने के अनुकूल संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अनुमानों के मुताबिक, गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश के एक बड़े हिस्से में वायुमंडलीय बदलाव देखने को मिलेंगे, जिससे तपिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
17 जिलों में ऑरेंज और बाकी हिस्सों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को प्रांतीय राजधानी रांची सहित राज्य के 17 संवेदनशील जिलों में दोपहर के बाद मौसम में अचानक बदलाव की चेतावनी जारी की है। इस दायरे में खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने, बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के शेष सात जिलों में भी मध्यम गति की हवाओं के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और हल्की बौछारें पड़ने की संभावना के मद्देनजर 'येलो अलर्ट' प्रभावी किया गया है। तापमान की बात करें तो इन दो दिनों में रांची का पारा अधिकतम 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
सप्ताहांत में आंशिक बादल और मध्यम बारिश का अनुमान
मौसम के इस बदले रुख का असर सप्ताहांत में भी देखने को मिलेगा, जिसके तहत 20 जून को पूरे राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान झारखंड के अनेक इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ सुदूरवर्ती अंचलों में आकाशीय बिजली चमकने तथा हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की बात कही गई है, जिससे वातावरण में मौजूद उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
जून महीने में सामान्य से आधी भी नहीं हुई बरसात
मौसमविदों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, चालू सीजन में 1 जून से लेकर 17 जून के मध्य झारखंड को भारी मानसूनी बेरुखी का सामना करना पड़ा है। इस समयावधि में राज्य के भीतर औसत के मुकाबले बेहद कम पानी बरसा है, जो कि सामान्य स्तर से लगभग 56 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। सांख्यिकीय तौर पर इस पखवाड़े में झारखंड में कम से कम 67 मिलीमीटर पारंपरिक वर्षा दर्ज की जानी चाहिए थी, लेकिन अल नीनो की सक्रियता के कारण बादलों की आवाजाही प्रभावित हुई और अब तक उम्मीद के मुताबिक पानी नहीं गिरा है।
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