ट्रैक्टर मार्च के साथ उग्र हुआ आंदोलन, जिला सचिवालय का घेराव
हांसी। जिले के चानौत गांव में पेयजल संकट को लेकर चल रहा जन आंदोलन अब और तेज हो गया है। बुधवार की देर रात करीब ढाई बजे पुलिस प्रशासन ने एम्बुलेंस के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे बुजुर्गों को जबरन उठाने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते पुलिस टीम को खाली हाथ पीछे हटना पड़ा। इस प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप आज ट्रैक्टर मार्च निकालकर जिला सचिवालय का घेराव करने का निर्णय लिया है, जिसकी तैयारियां गांव में युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं।
अनशनकारी बुजुर्ग की हालत नाजुक और वार्ता विफल
गांव में स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पिछले आठ दिनों से पांच बुजुर्ग आमरण अनशन पर डटे हुए हैं। इनमें से एक प्रदर्शनकारी टेकराम दुहन की सेहत लगातार गिर रही है और उनका शुगर लेवल चिंताजनक रूप से 36 तक पहुंच गया है, जिससे आंदोलनकारियों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। इस बीच बुधवार शाम को स्थानीय पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा और संघर्ष समिति के बीच करीब डेढ़ घंटे तक चली मैराथन बैठक बेनतीजा रही, क्योंकि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे और गतिरोध दूर नहीं हो सका।
भाखड़ा पाइपलाइन से कनेक्शन देने की मांग पर अड़े ग्रामीण
बैठक के दौरान आंदोलनकारी प्रतिनिधियों ने साफ किया कि वे गांव को शहर के लिए बिछाई जा रही भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से ही जोड़ने की अपनी पुरानी मांग पर कायम हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि इस मुख्य लाइन में पानी का दबाव बेहतर रहेगा, जिससे बिना बिजली के भी जलघर को आसानी से भरा जा सकेगा और अतिरिक्त पानी आगे शहर की तरफ चला जाएगा। हालांकि, सरकार की ओर से गांव के लिए अलग से 8 इंच की नई पाइपलाइन डालने का जो प्रस्ताव दिया गया, उसे ग्रामीणों ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि केवल वर्तमान पाइपलाइन का व्यास (साइज) बढ़ाकर ही समस्या का त्वरित समाधान संभव है।
सरकार का आश्वासन और मुख्यमंत्री स्तर पर चर्चा का भरोसा
कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते हुए मामले को सुलझाने के लिए दो महीने का समय मांगा है और इस गंभीर विषय पर मुख्यमंत्री से बातचीत करने का भरोसा दिलाया है। सरकार का कहना है कि वे गांव में चौबीस घंटे जलापूर्ति का कनेक्शन देने, खारे पानी की समस्या से निजात के लिए नया वाटर टैंक बनाने और उसका टेंडर जल्द खोलने के लिए तैयार हैं। मंत्री ने अनशन पर बैठे बुजुर्गों के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उनसे आंदोलन समाप्त करने की भावुक अपील की है, लेकिन संघर्ष समिति ने मांग पूरी होने तक धरना स्थल से हटने से साफ मना कर दिया है।
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