कोटा से कांग्रेस का बड़ा दांव, राहुल गांधी ने लॉन्च किया 'छात्रों की गूंज' अभियान
कोटा । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से देशव्यापी 'छात्रों की गूंज' आंदोलन शुरू किया । यह आंदोलन पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियों और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्रित होगा। विरोध-प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी ने पेपर लीक, रद्द हुई परीक्षाओं और रुकी हुई भर्तियों से नाराज़ छात्रों से बात की और 'एक्स' पर कहा, "मुझे पता है कि आप थक चुके हैं। आप नाराज हैं, लेकिन यह याद रखें कि जब सरकार सुनने से इनकार कर दे, तो आपको अपनी आवाज और जोर से उठानी होगी।" राहुल गांधी ने कहा, "आइए हम सब मिलकर एक ऐसी बुलंद आवाज बनें जिसे नजरअंदाज न किया जा सके, कोटा से शुरुआत करते हुए, फिर देश के हर कोने तक पहुंचते हुए। यह आपके भविष्य की लड़ाई है, और मैं आपके साथ हूं।"
इस पहल की घोषणा करते हुए, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, "राहुल गांधी देशभर के विभिन्न शहरों में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। कोटा से शुरुआत करते हुए, वह छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों से सीधे बातचीत करेंगे।" वेणुगोपाल के अनुसार, कैंपेन का पहला चरण 10 जुलाई को इलाहाबाद, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में कार्यक्रमों के साथ जारी रहेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बार-बार परीक्षा के पेपर लीक होने, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और बढ़ती बेरोजगारी से लाखों भारतीय युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
इस कैंपेन के जरिए कांग्रेस का मकसद छात्रों, नौकरी के उम्मीदवारों, शिक्षकों और युवा संगठनों को एकजुट करना और इन चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है। इससे पहले, कांग्रेस ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट से वेणुगोपाल का बयान शेयर किया, जिसमें कहा गया था, "कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में, कांग्रेस ने परीक्षा पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, बेरोजगारी और भारत के युवाओं को प्रभावित करने वाली चिंताओं जैसे मुद्दों को उजागर करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी कैंपेन के पहले चरण की घोषणा की है।"
वेणुगोपाल ने कहा, "कांग्रेस के कैंपेन के हिस्से के तौर पर, राहुल गांधी देश भर में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे, जिसकी शुरुआत बुधवार को कोटा से होगी, उसके बाद 10 जुलाई को इलाहाबाद, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में कार्यक्रम होंगे।" उन्होंने बताया, "इन कार्यक्रमों में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवार, शिक्षक, युवा संगठन और परीक्षा से जुड़े विवादों से प्रभावित अन्य लोग शामिल होंगे। इस अभियान का मकसद लाखों युवा भारतीयों की चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाना है, जिनमें बार-बार पेपर लीक होना, परीक्षा की बढ़ती लागत, भर्ती में गड़बड़ी और पारदर्शी व निष्पक्ष शिक्षा और भर्ती प्रणाली की कमी जैसी समस्याएं शामिल हैं।"
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