समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, BMC ने जारी की हाई टाइड की पूरी सूची
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी में मानसून के आगमन के साथ ही समंदर में उठने वाली गगनचुंबी लहरों की चुनौती भी बढ़ने लगी है। इस प्राकृतिक खतरे को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने वर्ष 2026 के लिए अपना आधिकारिक 'हाई टाइड कैलेंडर' जारी कर दिया है, जिसमें आगामी जून से लेकर सितंबर तक आने वाले तमाम उच्च ज्वार के दिनों की विस्तृत समय-सारणी दी गई है। बीएमसी प्रशासन ने मुंबईकरों और पर्यटकों से विशेष रूप से अपील की है कि वे इन चिन्हित तारीखों के दौरान पूरी सावधानी बरतें और चौपाटी व समंदर के तटीय किनारों पर जाने से पूरी तरह परहेज करें। नागरिक निकाय के मुताबिक, इस चार महीने की अवधि में समंदर में 4.5 मीटर (लगभग 15 फीट) से अधिक ऊंचाई वाली कई लहरें उठने का पूर्वानुमान है। इस दौरान ज्वार का पानी तटीय और निचले रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर सकता है, जिससे जलजमाव का संकट गहराने की आशंका है। इस पूरे सीजन में कुल 24 दिन ऐसे होंगे जब समंदर उफान पर रहेगा, जिनमें जून में 6 बार, जुलाई में 6 बार, अगस्त में 5 बार और सितंबर में 7 बार उच्च ज्वार की स्थिति बनेगी।
जुलाई में दिखेगा समंदर का सबसे रौद्र रूप, जानिए बड़ी तारीखें
बीएमसी द्वारा जारी मौसम के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे मानसून सत्र की सबसे खतरनाक और ऊंची लहर आगामी 16 जुलाई को उठने की संभावना है, जिसकी ऊंचाई 4.89 मीटर (तकरीबन 16 फीट) तक दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, चालू जून महीने में ही 14 जून से 19 जून के मध्य समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी, जब लहरें 4.64 मीटर से लेकर 4.87 मीटर के स्तर को छू सकती हैं। जुलाई महीने की बात करें तो 13 जुलाई से 18 जुलाई के बीच का समय अत्यंत संवेदनशील रहेगा, जब समंदर का जलस्तर अपने चरम 4.89 मीटर के आसपास पहुंच जाएगा।
अगस्त और सितंबर महीनों के लिए भी जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त आकलन के मुताबिक, अगस्त महीने में 12 तारीख से लेकर 16 अगस्त तक समंदर की लहरें उफान मारेंगी, जिनकी संभावित ऊंचाई 4.50 मीटर से लेकर 4.83 मीटर के दायरे में रहने का अनुमान लगाया गया है। इसी तरह, मानसून के अंतिम दौर यानी सितंबर महीने में भी 4.5 मीटर की सीमा को पार करने वाले कई हाई टाइड आने की प्रबल आशंका है। सितंबर के महीने में सबसे ज्यादा उग्र स्थिति 10 सितंबर से लेकर 28 सितंबर के बीच के अलग-अलग दिनों में देखने को मिल सकती है, जब समंदर लगातार उफान पर रहेगा।
सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक अमला मुस्तैद, तटीय क्षेत्रों में पाबंदी
इस प्राकृतिक आपदा और लहरों के खतरे से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने सभी नागरिकों, सैलाानियों और मछुआरों को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि वे खराब मौसम, भारी बारिश और हाई टाइड की समयावधि के दौरान समुद्र तटों, चट्टानी मरीन ड्राइव जैसे क्षेत्रों और अन्य खतरनाक मुहानों पर जाने की भूल कतई न करें। बीएमसी ने आपदा प्रबंधन विभाग, फायर ब्रिगेड और तटीय सुरक्षा बलों सहित सभी संबंधित महकमों और आपातकालीन चौकियों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। समंदर में उठने वाले इस भारी उफान के समय यदि मुंबई में मूसलाधार बारिश भी होती है, तो स्थिति और बिगड़ सकती है, इसीलिए किसी भी संभावित हादसे को टालने के लिए आम जनता से सरकारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया गया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, इराक में धमाके और वेस्ट बैंक में खूनी संघर्ष
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, सरकार से बातचीत कल फिर होगी
अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर, महिला आयोग अध्यक्ष ने अफसरों को लगाई फटकार
जेपी अस्पताल में हंगामा, 21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद आत्मदाह की चेतावनी
रात में घर लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत, ट्राले से भिड़ी कार
चीन-फिलीपींस समुद्री विवाद फिर सुर्खियों में, वॉटर कैनन घटना पर दुनिया की नजर
भारत स्काउट्स-गाइड्स के निपुण टेस्टिंग कैंप का शुभारंभ, प्रतिभागियों में उत्साह
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पर रोक और 17 मेट्रो स्टेशन बंद
दर्दनाक हादसा: बेकाबू पिकअप ने परिवार को रौंदा, मुआवजे की मांग पर सड़क जाम
राहुल के प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की अपील