चंडीगढ़। पंजाब में पिछले कई दिनों से जारी भीषण लू और चिलचिलाती धूप के प्रकोप से त्रस्त नागरिकों को गुरुवार सुबह एक बड़ी राहत नसीब हुई है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश के चलते मौसम के मिजाज में अचानक तब्दीली आई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सूबे के एक बड़े हिस्से में आगामी दो दिनों तक अंधड़ चलने और ओले गिरने की प्रबल आशंका व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

दो दिन ओलावृष्टि और तीन दिन यलो अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के कई क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं, जिससे तपते पारे से लोगों को और अधिक निजात मिलेगी। विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को विशेष रूप से ओलावृष्टि और तीव्र आंधी का संकट जताया है। इसके बाद भी मौसम का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा, बल्कि शनिवार से लेकर सोमवार तक सूबे में तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

बठिंडा रहा सूबे में सबसे गर्म

इससे पहले बीते बुधवार को समूचे पंजाब में सूर्यदेव के तीखे तेवर बरकरार रहे और दिन का अधिकतम तापमान सामान्य के मुकाबले 4.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान 46.2 डिग्री सेल्सियस पारे के साथ बठिंडा राज्य का सबसे तप्त शहर दर्ज हुआ। इसके अलावा फिरोजपुर में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री, पटियाला में 43.6 डिग्री और अमृतसर में 43.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

रातों के तापमान में भी दर्ज हुई बढ़ोतरी

दिन की तपन के साथ-साथ राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में भी 1.6 डिग्री सेल्सियस का उछाल देखा गया, जिससे रात के समय भी लोग उमस और गर्मी से परेशान दिखे। इस दौरान पठानकोट में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बहरहाल, गुरुवार सुबह से बदले इस मौसमी चक्र ने राज्यवासियों को लंबे समय बाद चिलचिलाती गर्मी से सुकून दिया है।