जबलपुर: पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के तीनों रेल मंडलों— जबलपुर, भोपाल और कोटा में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही रेलवे के राजस्व में शानदार बढ़ोतरी देखी जा रही है। रेलवे महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल नेतृत्व में पश्चिम मध्य रेल ने मई 2026 के महीने में यात्री यातायात से कुल 236 करोड़ 89 लाख रुपये का ऑरिजिनेटिंग (प्रारंभिक) राजस्व कमाया है। खास बात यह है कि इस शानदार प्रदर्शन में जबलपुर मंडल तीनों मंडलों को पछाड़कर पहले स्थान पर रहा है।

रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कमाई पिछले साल मई महीने में हुई 207 करोड़ 59 लाख रुपये की कमाई के मुकाबले 14.12 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही, यह आंकड़ा रेलवे बोर्ड द्वारा तय किए गए 228 करोड़ 93 लाख रुपये के लक्ष्य से भी 3.48 फीसदी ज्यादा है।

मंडलों का प्रदर्शन: जानें किसने कितनी की कमाई

अगर मंडल स्तर पर बात करें, तो मई 2026 में तीनों मंडलों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

  • जबलपुर मंडल: ₹96 करोड़ का राजस्व कमाकर शीर्ष पर रहा।

  • भोपाल मंडल: ₹89 करोड़ 91 लाख रुपये की कमाई के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

  • कोटा मंडल: ₹50 करोड़ 98 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया।

अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और मंडलों के आपसी तालमेल की वजह से यह बड़ी सफलता हासिल हुई है।

चालू वित्तीय वर्ष के पहले दो महीनों में ₹456 करोड़ का मुनाफा

वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों (अप्रैल और मई) के दौरान पश्चिम मध्य रेल ने कुल 456 करोड़ 95 लाख रुपये का प्रारंभिक राजस्व हासिल किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि में हुई 416 करोड़ 07 लाख रुपये की कमाई से 9.82 प्रतिशत अधिक है।

इन दो महीनों में मंडलवार कमाई की स्थिति देखें तो:

  • जबलपुर मंडल ने ₹178 करोड़ 66 लाख रुपये का योगदान दिया।

  • Bhopal मंडल ने ₹177 करोड़ 39 लाख रुपये का राजस्व जुटाया।

  • कोटा मंडल ने ₹100 करोड़ 90 लाख रुपये का योगदान किया।

कमाई बढ़ाने के लिए रेलवे ने उठाए यह कदम

यात्रियों के सफर को सुगम बनाने और रेलवे की आमदनी बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव और प्रयास किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • विशेष ट्रेनों की शुरुआत: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

  • समय सीमा में विस्तार: पहले से चल रही स्पेशल ट्रेनों के फेरे और अवधि को बढ़ाया गया है।

  • अतिरिक्त कोच की सुविधा: वेटिंग लिस्ट को क्लियर करने के लिए नियमित ट्रेनों में एक्स्ट्रा डिब्बे जोड़े गए हैं।

  • अस्थाई ठहराव: यात्रियों की सहूलियत के लिए विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों के प्रायोगिक स्टॉपेज की समय सीमा बढ़ाई गई है।

  • आधुनिक कोच: यात्रियों के आरामदायक सफर के लिए पुराने आईसीएफ (ICF) कोच को हटाकर नए एलएचबी (LHB) कोच लगाए जा रहे हैं।

  • ट्रेनों की रफ्तार में सुधार: ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर के काम को तेज करके ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जा रही है, जिससे वे अपने सही समय पर चल सकें।