मुंबई। समूचे महाराष्ट्र में इस समय जनता चिलचिलाती धूप, भीषण गर्मी और उमस भरे वातावरण से बुरी तरह त्रस्त है, मगर अब मौसम के मिजाज में एक बड़ा और राहतकारी उलटफेर होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के 30 जिलों के लिए मेघगर्जन और वर्षा का 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी दिनों में प्रदेश के एक बड़े हिस्से में तेज रफ्तार अंधड़ के साथ झमाझम बारिश होगी। राजधानी मुंबई सहित पुणे, ठाणे और पूरे कोंकण संभाग के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने की पुख्ता भविष्यवाणी की गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।

चार दिनों तक दिखेगा असर और कोल्हापुर-सतारा में भारी बारिश की उम्मीद

मौसम विज्ञान केंद्र ने यह पूरी तरह स्पष्ट किया है कि वायुमंडलीय बदलाव के कारण होने वाली बारिश का यह दौर केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी 13 जून तक मुंबई, ठाणे और पुणे के शहरी व ग्रामीण अंचलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम निरंतर बना रहने की उम्मीद है। इस बीच सतारा और कोल्हापुर जिलों में मानसूनी हवाओं के अत्यधिक सक्रिय होने के कारण कुछ विशेष पॉकेट्स में भारी बरसात भी दर्ज की जा सकती है। दूसरी तरफ, नासिक और अहमदनगर में आकाशीय बिजली कड़कने के आसार हैं, जबकि मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। हालांकि, इस प्री-मानसून सक्रियता के बावजूद विदर्भ और खानदेश के बेल्ट में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहने की वजह से लोगों को फिलहाल गर्मी से कोई विशेष और स्थाई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

किसानों को जल्दबाजी न करने की हिदायत और मानसून का नया शेड्यूल

राज्य भर में भले ही मानसून-पूर्व की गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों ने अन्नदाताओं को खरीफ फसलों की बुआई को लेकर बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को दो टूक हिदायत दी है कि वे खेतों में बीजों की बुआई करने में कतई जल्दबाजी न दिखाएं और जब तक खेतों में पर्याप्त नमी और लगातार संतोषजनक वर्षा न हो जाए, तब तक इस प्रक्रिया को रोक कर रखें। वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. कैलाश डाखोरे के अनुसार, मौजूदा मौसमी चक्र मराठवाड़ा में मानसून के आगे बढ़ने की गति को थोड़ा प्रभावित कर रहा है। इसके बावजूद, यह पूरी उम्मीद जताई गई है कि आगामी 12 से 18 जून के मध्य मानसूनी हवाएं पूरे मराठवाड़ा अंचल को अपने आगोश में ले लेंगी और अच्छी वर्षा का दौर शुरू होगा।

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए गाइडलाइन और जरूरी सावधानियां

मौसम विभाग ने प्राकृतिक आपदाओं और जान-माल के नुकसान से बचने के लिए आम जनता के वास्ते एक विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। मौसम के खराब होने, तेज आंधी चलने और बिजली कड़कने के दौरान किसानों तथा आम लोगों को खुले मैदानों या खेतों में काम करने से पूरी तरह बचने को कहा गया है। सुरक्षा मानकों के अनुसार, ऐसी आपात स्थिति में किसी भी ऊंचे पेड़, जर्जर इमारत या कच्चे शेड के नीचे कतई शरण न लें, क्योंकि इन स्थानों पर गाज (आकाशीय बिजली) गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है। इसके अलावा, नागरिकों को घरों के भीतर बिजली के उपकरणों के प्लग सॉकेट से निकाल देने की सलाह दी गई है, तथा नदियों, तालाबों या जल स्रोतों के समीप मौजूद चरवाहों और लोगों को तुरंत किसी सुरक्षित व पक्के स्थान पर चले जाने का निर्देश दिया गया है।