भारत-चीन में बढ़ी नजदीकियां: बीजिंग में हुई अहम बैठक, सीमा पर शांति और रिश्ते सामान्य करने पर बनी सहमति
बीजिंग: भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने के लिए एक बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है। दोनों देशों के बीच बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग में परामर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों पक्षों ने माना कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने से दोनों देशों के आपसी संबंधों को फिर से सामान्य बनाने की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। भारत और चीन इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे आपस में कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत का सिलसिला लगातार जारी रखेंगे।
विशेष प्रतिनिधियों की अगली बैठक की तैयारी शुरू
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत को आगे की सोच रखने वाली और सकारात्मक बताया है। बैठक के दौरान दोनों देशों ने सीमाई इलाकों के मौजूदा हालातों की समीक्षा की और अब तक बनी शांति पर संतोष जताया। इस सफल वार्ता के बाद अब दोनों पक्ष अपने विशेष प्रतिनिधियों (SR) की अगली बड़ी बैठक के लिए मिलकर काम करने पर राजी हो गए हैं, जिसका आयोजन चीन में किया जाएगा। आपको बता दें कि इससे पहले पिछले साल अगस्त में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच नई दिल्ली में विशेष प्रतिनिधियों के स्तर की वार्ता हुई थी, जिसके काफी अच्छे नतीजे सामने आए थे। इस बार की बैठक में भारतीय दल की कमान विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने संभाली।
नदियों के पानी और आपसी सहयोग पर भारत का जोर
इस अहम बैठक के दौरान केवल सीमा विवाद ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच बहने वाली नदियों के पानी को लेकर भी चर्चा हुई। भारत ने चीन के सामने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सीमा पार से आने वाली नदियों के पानी और उससे जुड़े मुद्दों पर बातचीत करने के लिए विशेषज्ञ स्तर के तंत्र (Expert Level Mechanism) की अगली बैठक जल्द से जल्द बुलाई जानी चाहिए। इसके अलावा दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन, सीमाओं का निर्धारण और आपसी सहयोग को बढ़ाने वाले कई अन्य जरूरी मुद्दों पर भी विस्तार से अपने विचार साझा किए।
एक जून से लिपुलेख मार्ग से फिर शुरू होगा व्यापार
इस कूटनीतिक बातचीत के बीच भारत और चीन के व्यापारिक रिश्तों को लेकर भी एक बड़ी और अच्छी खबर आई है। कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद पड़ा भारत और चीन के बीच का पारंपरिक व्यापार आगामी एक जून से फिर से शुरू होने जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत भारतीय व्यापारी उत्तराखंड के धारचूला से तिब्बत जाकर चीनी सामान भारत ला सकेंगे। प्रशासन ने व्यापारियों और उनके सहायकों के लिए करीब 300 पास जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारतीय व्यापारी वाहनों और आईटीबीपी (ITBP) के जवानों की सुरक्षा में लिपुलेख पास तक जाएंगे और वहां से पैदल चलकर तिब्बत की व्यापारिक मंडी में प्रवेश करेंगे। इस बार चीन सरकार ने भारतीय व्यापारियों की सुविधा के लिए तिब्बत में एक नई और अलग मंडी भी तैयार की है।
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