रूपाली चाकणकर को ईडी का समन, NCP ने साथ छोड़ने से बढ़ीं मुश्किलें
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नासिक के विवादित 'गॉडमैन' अशोक खरात से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को पूछताछ के लिए तलब किया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने चाकणकर को इसी सप्ताह के अंत तक पेश होने के लिए समन जारी किया है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गौरतलब है कि स्वयंभू ज्योतिषी अशोक खरात, जिसे 'भोंदू बाबा' के नाम से भी जाना जाता है, के साथ संदिग्ध संबंधों के चलते चाकणकर पहले ही महिला आयोग की चेयरपर्सन और पार्टी के महिला मोर्चे के अध्यक्ष पद से हाथ धो चुकी हैं और अब ईडी की इस कार्रवाई ने उनकी राजनीतिक साख पर भी संकट गहरा दिया है।
एसआईटी की तफ्तीश के बाद केंद्रीय एजेंसी का शिकंजा
अशोक खरात मामले की जांच पहले राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही थी, जिसमें रूपाली चाकणकर और उनकी बहन प्रतिभा चाकणकर के खरात के साथ घनिष्ठ संबंधों का खुलासा हुआ था। नेवी की नौकरी छोड़कर ज्योतिषी बने खरात ने नासिक में आश्रम बनाकर महिलाओं को डराया और उनका यौन शोषण किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान जब खरात द्वारा अर्जित की गई अकूत बेनामी संपत्ति का ब्योरा सामने आया, तब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हुई। अब ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस काली कमाई और वित्तीय अनियमितताओं में राजनीतिक रसूख का कितना इस्तेमाल किया गया था।
यौन उत्पीड़न और बेनामी संपत्ति के गंभीर आरोप
भोंदू बाबा अशोक खरात पर न केवल बलात्कार और धोखाधड़ी के संगीन आरोप हैं, बल्कि उसने अवैध तरीके से भारी संपत्ति भी जमा की है। जांच में यह पाया गया है कि खरात ने नासिक स्थित सहकारी समितियों के माध्यम से तीसरे पक्ष के नाम पर कई बैंक खाते संचालित किए, जिनका पूर्ण नियंत्रण उसने अपने पास ही रखा था। वह महिलाओं को उनके परिवार और पति की मृत्यु का भय दिखाकर उनका शारीरिक शोषण करता था। ईडी ने पूर्व में इसी वित्तीय जांच के सिलसिले में रूपाली चाकणकर की बहन से भी पूछताछ की थी और अब चाकणकर से होने वाली पूछताछ इस पूरे सिंडिकेट और वित्तीय लेन-देन की परतों को खोलने में निर्णायक साबित हो सकती है।
राजनीतिक रसूख पर चोट और भविष्य का संकट
अशोक खरात की गिरफ्तारी और उसके बाद हुए खुलासों ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित रूपाली चाकणकर हुई हैं। कभी एनसीपी में बड़ा कद रखने वाली चाकणकर अब न केवल अपने पद खो चुकी हैं, बल्कि पार्टी के भीतर भी उनकी हैसियत पहले जैसी नहीं रह गई है। ईडी के समन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जांच की आंच अब सीधे उन प्रभावशाली लोगों तक पहुंच रही है जो कथित तौर पर इस फर्जीवाड़े के साये में रहे। वर्तमान में अशोक खरात न्यायिक हिरासत में है और आने वाले दिनों में चाकणकर से होने वाली पूछताछ राज्य के सियासी समीकरणों के साथ-साथ इस आपराधिक मामले को एक नया मोड़ दे सकती है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- दतिया उपचुनाव में BJP की होगी जीत, NEET मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
वायरल सेलिब्रेशन पर पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, आखिर किसे दिया था संदेश?
दिल्ली-हरियाणा यात्रियों को राहत, सोनीपत से कश्मीरी गेट तक दौड़ेंगी ई-बसें
यरुशलम हत्याकांड: फ्लैट में मिला भारतीय मजदूर का शव, जांच में जुटी पुलिस
NEET मुद्दे पर सियासत तेज, प्रियंका चतुर्वेदी ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
लॉ ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी! भारतीय सेना में अधिकारी बनने का शानदार अवसर
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उछाल, रोजगार और कारोबार के लिए खुल रहे नए द्वार
दूसरों की किस्मत बताने वाली अन्ना खुद नहीं जान पाईं अपना भविष्य, पावर बैंक ब्लास्ट में झुलसीं
विपक्ष के विरोध से नहीं चली कार्यवाही, दोनों सदनों में मचा घमासान
खर्च की रफ्तार पर CAG की चिंता, 93 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अधूरा