जालंधर ब्लास्ट जांच में NIA और IB की एंट्री, बढ़ी चौकसी
जालंधर। शहर में हुए हालिया विस्फोट के बाद पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। खुफिया विभाग से प्राप्त संवेदनशील इनपुट के आधार पर पुलिस और अन्य सुरक्षा इकाइयों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। चंडीगढ़ से आए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नेतृत्व के साथ देर रात तक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें भविष्य की रणनीति और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों पर गहन चर्चा की गई। धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सशस्त्र बलों की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था की कमान अब आला अधिकारियों के हाथ
संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा की सीधी जिम्मेदारी अब राजपत्रित अधिकारियों को सौंपी गई है, जिन्हें स्वयं धरातल पर उतरकर स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को रात के समय औचक निरीक्षण और निरंतर गश्त करने को कहा गया है ताकि सुरक्षा चक्र में कोई भी ढील न रहे। शहर के हर प्रवेश और निकास द्वार पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं, जो पल-पल की रिपोर्ट मुख्यालय को भेज रहे हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने संभाली धमाके की पड़ताल
मामले की गंभीरता और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी और इंटेलिजेंस ब्यूरो जैसी संस्थाओं ने भी जांच की कमान संभाल ली है। ये एजेंसियां स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर किसी भी संभावित आतंकी मॉड्यूल या विदेशी साजिश के कोण से साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। राष्ट्रीय स्तर की इन टीमों का मुख्य उद्देश्य धमाके के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों और उनके नेटवर्क को उजागर करना है, जिसके लिए आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों और खुफिया सूचनाओं का सहारा लिया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से सघन पूछताछ
जांच प्रक्रिया को गति देने के लिए गठित की गई सात विशेष टीमें घटनास्थल के आसपास के विस्तृत दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्मता से विश्लेषण कर रही हैं। अब तक एक दर्जन से अधिक व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके। जांच दल केवल शारीरिक साक्ष्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संदिग्धों की मोबाइल लोकेशन, डिजिटल फुटप्रिंट्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं ताकि साजिश के हर स्तर का पता लगाया जा सके।
साक्ष्यों का फॉरेंसिक विश्लेषण और आगामी खुलासे
घटनास्थल से बरामद किए गए महत्वपूर्ण अवशेषों और रसायनों को विस्तृत फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट से धमाके में प्रयुक्त सामग्री की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण और संदिग्धों से मिल रही जानकारी के आधार पर बहुत जल्द इस मामले में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल पूरा शहर एक सुरक्षा कवच के घेरे में है और संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी के जरिए शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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