चंडीगढ़: 'शुकराना यात्रा' के जरिए आभार जताएंगे मुख्यमंत्री भगवंत मान, तीन दिवसीय भक्ति मार्ग का श्री आनंदपुर साहिब से होगा आगाज

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट संशोधन 2026' के ऐतिहासिक रूप से लागू होने के उपलक्ष्य में आज से एक विशेष 'शुकराना यात्रा' का शुभारंभ करने जा रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पावन ग्रंथ के सम्मान में किए गए विधायी सुधारों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना है। मुख्यमंत्री अपनी इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत सिखों के पवित्र स्थान तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेककर करेंगे। यह पूरी यात्रा पंजाब के विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक पड़ावों से होकर गुजरेगी और आगामी 9 मई को इसका विधिपूर्वक समापन होगा।

श्री आनंदपुर साहिब से फतेहगढ़ साहिब तक का विस्तृत यात्रा मार्ग

मुख्यमंत्री की यह शुकराना यात्रा प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों और धार्मिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगी। पहले दिन की यात्रा का मार्ग श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर रोपड़, बलाचौर, बंगा और फगवाड़ा जैसे क्षेत्रों को कवर करेगा। दूसरे दिन मुख्यमंत्री जालंधर से प्रस्थान करेंगे और बाबा बकाला, अमृतसर, तरनतारन, जीरा, फरीदकोट तथा कोटकपूरा जैसे शहरों में श्रद्धालुओं के बीच पहुँचेंगे। यात्रा के अंतिम और तीसरे दिन का मार्ग बठिंडा से शुरू होकर तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो, मानसा, बरनाला, सुनाम, संगरूर और पटियाला से होते हुए अंततः श्री फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती पर संपन्न होगा।

धार्मिक भावनाओं और गुरु ग्रंथ साहिब के सत्कार को समर्पित पहल

इस यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री भगवंत मान यह संदेश देना चाहते हैं कि सरकार गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने और उनके सत्कार को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एक्ट में किए गए हालिया संशोधनों को सिख समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, यही कारण है कि मुख्यमंत्री स्वयं गुरु चरणों में नतमस्तक होकर इस कार्य की सफलता के लिए धन्यवाद अर्पित कर रहे हैं। यात्रा के दौरान जगह-जगह संगत द्वारा स्वागत की तैयारियां की गई हैं और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए यात्रा सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

सद्भावना और सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रयास

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक आभार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता को भी नया बल प्रदान करेगी। विभिन्न जिलों से गुजरते समय मुख्यमंत्री स्थानीय लोगों से भी संवाद करेंगे और आध्यात्मिक केंद्रों पर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। श्री फतेहगढ़ साहिब में होने वाला समापन समारोह काफी भव्य होने की उम्मीद है, जहाँ मुख्यमंत्री राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम को लेकर पंजाब के लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर उनकी धार्मिक आस्था और गौरव से जुड़ा हुआ विषय है।