छात्रों की पहली पसंद बना जर्मनी: 2026 में विदेशी छात्रों की संख्या 4.20 लाख पहुंचने का अनुमान
हलवारा। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में वीजा नियमों की सख्ती के चलते अब भारतीय छात्रों का रुझान तेजी से जर्मनी की ओर बढ़ रहा है। 2025-26 सत्र में जर्मनी में विदेशी छात्रों की संख्या रिकॉर्ड 4.20 लाख पहुंचने का अनुमान है। जर्मनी में भारत सबसे बड़ा स्रोत देश बन गया है, जहाँ फिलहाल करीब 59 हजार भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है।
क्यों पसंद आ रहा है जर्मनी?
जर्मनी के आकर्षण का मुख्य कारण वहां के मुफ्त सार्वजनिक विश्वविद्यालय, कम प्रशासनिक शुल्क और 18 महीने का पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा है। इसके अलावा, सरकारी छात्रवृत्तियां छात्रों के लिए वित्तीय बोझ कम करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जर्मनी भविष्य में और भी आसान अवसर प्रदान कर सकता है, जिससे एशियाई देशों, विशेषकर भारत और वियतनाम के छात्रों की संख्या में और वृद्धि होगी।
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