भानवी सिंह के साथ धोखाधड़ी मामले में हाईकोर्ट ने अक्षय प्रताप की याचिका खारिज की
लखनऊ|यूपी में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह और अन्य लोगों को एक आपराधिक मामले में राहत देने से इन्कार करते हुए याचिका खारिज कर दी। अदालत ने रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी भानवी सिंह द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोपों को गंभीर माना।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने दिया। अक्षय प्रताप सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह और रामदेव यादव ने विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए कोर्ट), लखनऊ के 18 फरवरी के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
संपत्तियों पर कब्जा करने को फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए
भानवी सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म मेसर्स सारंग एंटरप्राइजेज की कीमती संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। उनके आधार पर संपत्तियों का ट्रांसफर किया गया। उन्होंने हजरतगंज पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग की थी।
दोबारा सुनवाई का निर्देश
पहले मजिस्ट्रेट ने 19 अक्टूबर 2023 को एफआईआर दर्ज करने के बजाय मामले को परिवाद (शिकायत केस) के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया था। बाद में इस आदेश को चुनौती देने पर विशेष न्यायाधीश ने मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द कर मामले की दोबारा सुनवाई का निर्देश दिया। इसी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कोई राहत देने से इनकार कर दिया।
राशिफल 5 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
Kerala में सियासी हलचल, बागी सुधाकरण ने Rahul Gandhi संग साझा किया मंच
Mamata Banerjee का बड़ा दावा, 2026 में गिर सकती है मोदी सरकार
Katni में पुलिस का बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन, वारंटी और बदमाश गिरफ्तार
राघव चड्ढा को लेकर सियासी तूफान, क्या छोड़ेंगे AAP?
जालंधर में कल 6 घंटे बिजली कटौती, कई इलाकों में सप्लाई रहेगी बंद
बंगाल में बीजेपी की संभावना: क्या दोहराएगी 2021 की सफलता?
Manasa में नारकोटिक्स ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार
अनूपपुर में 4 मंजिला होटल ढहा, कई लोगों के दबे होने की आशंका
972 करोड़ के टेंडर की डायल 112 गाड़ियां बनी खटारा, कुछ महीनों में ही हालत खराब