इच्छा मृत्यु की अनुमति पाने वाले हरीश राणा का निधन
गाजियाबाद। इच्छा मृत्यु को लेकर चर्चा में रहे हरीश राणा का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर सामने आते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बताया जा रहा है कि हरीश राणा लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसके चलते उन्होंने इच्छा मृत्यु (Euthanasia) की मांग को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं। इस मामले ने समाज और प्रशासनिक स्तर पर भी काफी चर्चा पैदा की थी। हरीश राणा की इच्छा मृत्यु की मांग ने जीवन के अधिकार, मानवीय गरिमा और कानूनी पहलुओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी थी। कई सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने इस पर अलग-अलग राय व्यक्त की थी। हालांकि, उनके निधन के बाद एक बार फिर इच्छा मृत्यु को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं—क्या गंभीर और असाध्य बीमारी से जूझ रहे लोगों को यह अधिकार मिलना चाहिए या नहीं। परिजनों के अनुसार, हरीश राणा का अंतिम संस्कार उनके गृह क्षेत्र में किया जाएगा। स्थानीय लोगों और परिचितों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
गाजियाबाद के हरीश राणा का आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वे बीते 13 साल से कोमा में थे। देश के सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों उन्हें इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। हरीश राणा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल (आईआरसीएच) में भर्ती थे। उन्हें उपशामक देखभाल वार्ड में रखा गया था। अस्पताल में एक हफ्ते से उनकी गहन निगरानी जारी थी। 23 मार्च को डॉक्टरों ने बताया था। उन्हें कुछ दिन और निगरानी में रखा जा सकता है। वे पिछले एक सप्ताह से बिना खाना और पानी के जीवित थे। यह प्रक्रिया छह दिनों से चल रही थी। इस दौरान उनके माता-पिता किसी चमत्कार का इंतजार कर रहे थे।
बेटे के निधन से पहले मां की प्रार्थना
हरीश की मां अस्पताल के गलियारे में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रही थीं। बेटे के निधन से पहले मां ने भावुक होकर अपनी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा सांस ले रहा है। उसकी धड़कन अभी भी चल रही है। मां ने यह भी कहा कि वह मुझे छोड़कर जा रहा है।
राशिफल 25 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
तकनीक, समन्वय और प्रशिक्षित पुलिस बल के दम पर होगा सुरक्षित एवं व्यवस्थित सिंहस्थ-2028 - डीजीपी कैलाश मकवाणा
युवाओं के लिए मध्यप्रदेश के 4 महानगरों में प्रारंभ होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बुलडोजर कार्रवाई पर बयान पड़ा भारी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज
अब दूर-दराज के मरीजों तक तेजी से पहुंचेगी मदद, 720 नई एंबुलेंस की तैयारी
असम में बाढ़ का कहर, 50 लोगों की मौत; 40 अब भी लापता, हालात बेहद गंभीर
CJP प्रोटेस्ट लाठीचार्ज पर भड़के राज ठाकरे, बोले- 'ऊपर से आदेश के बिना नहीं होता ऐसा'