पालम हादसा: पानी मांगते-बढ़ गई आग, 9 लोगों की मौत की बड़ी वजह सामने
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार की सुबह खुशियों और उम्मीदों की जगह मातम में बदल गई। पालम के साधनानगर स्थित एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 3 मासूम बच्चों समेत एक ही परिवार के 9 सदस्यों की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई। घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की मोटर चालू रह गई थी, जिससे निकली चिंगारी ने आग पकड़ ली। हालांकि, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम विस्तृत जांच कर रही है ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद सभी 9 मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना के समय बिल्डिंग में मौजूद तीन अन्य लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी, जिसके कारण वे गंभीर रूप से घायल हो गए और फिलहाल अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। राम चौक मार्केट के डब्ल्यूजेड ब्लॉक स्थित इस इमारत के मालिक व्यवसायी और स्थानीय बाजार संघ के अध्यक्ष 70 वर्षीय राजेंद्र कश्यप हैं। नियति का क्रूर खेल देखिए कि राजेंद्र कश्यप घटना से दो दिन पहले व्यापारिक कार्य से गोवा गए थे। बुधवार को जब वे वापस लौटे, तो उनका हंसता-खेलता परिवार उजड़ चुका था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग लगने की मुख्य वजह भूतल पर हुआ शॉर्ट सर्किट था, जिसने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे इमारत से धुएं का गुबार उठता देखा गया। बिल्डिंग के तहखाने, भूतल और पहली मंजिल पर प्रवेश मॉडरेट नाम का कपड़ा और सौंदर्य प्रसाधन का शोरूम था। कपड़ों और कॉस्मेटिक्स के बड़े भंडार ने आग के लिए ईंधन का काम किया, जिससे लपटें बेहद तेजी से फैलीं। जैसे ही आग निचली मंजिलों पर भड़की, ऊपरी मंजिलों पर रह रहा परिवार फंस गया और पूरी इमारत एक डेथ ट्रैप में तब्दील हो गई। बचाव दल को तीसरी मंजिल के एक हॉल से 7 शव और बाथरूम से 2 शव बरामद हुए। राहत और बचाव कार्य के लिए दमकल की 30 गाड़ियां और करीब 100 दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने 9 को मृत घोषित कर दिया। स्थानीय निवासी योगेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने और उनके बेटे ने शोरूम का शटर तोड़कर लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन भीषण लपटों के आगे वे बेबस थे। आग बुझाने में करीब पांच घंटे का समय लगा।
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