मराठा समाज फिर मुंबई मार्च को तैयार, जमीन आवंटन पर जांच के आदेश
मुंबई। मराठा समाज के कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि समुदाय फिर से मुंबई की ओर मार्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अपने वादे को तोड़ती है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। जरांगे पाटिल ने कहा अगर देवेंद्र फडणवीस मराठा समाज को आरक्षण देना नहीं चाहते थे, तो उन्होंने हैदराबाद गैजेट के जीआर को जारी ही नहीं किया होता। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि मराठा समाज अपने अधिकारों और आरक्षण के लिए पूरी तरह जागरूक और संगठित है।
मालाड PAP जमीन आवंटन में गड़बड़ी जांच का आदेश
महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को मुंबई के मालाड इलाके में प्रोजेक्ट प्रभावित व्यक्तियों (PAP) के लिए जमीन आवंटन में कथित बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की जांच का आदेश दिया है। सरकार ने कहा कि जांच पूरी होने तक कोई भी आगे की कार्रवाई नहीं होगी। शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने विधानसभा में बताया कि यह जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव के नेतृत्व में की जाएगी और आवश्यक निर्देश मुंबई नगर निगम को दिए जाएंगे। यह मुद्दा कांग्रेस के असलम शेख द्वारा कॉलिंग अटेंशन नोटिस के जरिए उठाया गया, जबकि भाजपा के योगेश सागर और मुर्जी पटेल ने भी सवाल किए। सदस्यों ने आरोप लगाया कि जमीन आवंटन में डेवलपर को ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) और प्रीमियम सामान्य दर से बहुत अधिक दिया गया, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई।
विदेशी फंडिंग के शक में गुलजार-ए-रजा के खाते फ्रीज
महाराष्ट्र एटीएस ने संदिग्ध विदेशी फंडिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गुलजार-ए-रजा नामक संगठन के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में बताया कि संगठन को करीब चार करोड़ रुपये दान के रूप में मिले थे, जिनमें कुछ रकम संदिग्ध विदेशी खातों से आई बताई जा रही है। जांच एजेंसी को शक है कि संगठन धार्मिक गतिविधियों के नाम पर धन जुटा रहा था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक व आयकर विभाग को गुमराह किया गया। फिलहाल एटीएस लेनदेन और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
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