नीतीश कुमार का पूरा प्रोफाइल: परिवार, शिक्षा और सियासी सफर की कहानी
बख्तियारपुर|बिहार में गुरुवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। दरअसल, खबरें आईं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब बिहार की राजनीति छोड़कर केंद्र की राजनीति का रुख करने वाले हैं और अब राज्यसभा में बिहार की आवाज बनेंगे। इसे लेकर अटकलें लग ही रही थीं कि नीतीश कुमार ने खुद एक पोस्ट कर के इसकी पुष्टि कर दी। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार एक स्थापित चेहरा हैं, जिन्होंने बीते 21 साल राज्य का नेतृत्व संभाला है। ऐसे में उनके राज्यसभा जाने की जानकारी देशभर में सियासी जानकारों के लिए चौंकाने वाली रही।ऐसे में यह जानना अहम है कि नीतीश कुमार का इतिहास क्या है? वे राजनीति में कैसे आए? कैसे एक इंजीनियर जो अपने शुरुआती सियासी करियर में चुनाव तक नहीं जीत पाया, बाद में बिना चुनाव लड़े ही लगातार बिहार का मुख्यमंत्री रहा? कैसे बीते 25 साल में नीतीश कुमार बिहार में सत्ता का पर्याय बन गए? आइये जानते हैं...
कौन हैं नीतीश कुमार, क्या है पारिवारिक-शैक्षिक इतिहास?
नीतीश कुमार का जन्म एक मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर में हुआ था। इस वक्त उनकी उम्र 75 साल है। उनकी मां का नाम परमेश्वरी देवी था। पिता राम लखन सिंह आयुर्वेदिक डॉक्टर थे। कुर्मी (पिछड़ी) जाति से आने वाले नीतीश की शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई। बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकैनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद नीतीश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में काम करने लगे। इसी बीच जय प्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े और राजनीति में आ गए।
नीतीश की पत्नी का क्या नाम है?
नीतीश कुमार की शादी 22 फरवरी 1973 को मंजू कुमारी सिन्हा से हुई थी। मंजू बिहार में सरकारी स्कूल टीचर थीं। खुद मंजू ने भी इंजीनियरिंग की थी। वहीं, नीतीश कुमार की पत्नी मंजू का 2007 में निधन हो चुका है। नीतीश और मंजू का एक बेटा है निशांत कुमार। निशांत ने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। निशांत राजनीति से हमेशा दूर ही रहे। वह राजनीतिक सभाओं या राजनीतिक कार्यक्रमों में कभी भी पिता के साथ नजर नहीं आते। निशांत खुद भी इस बात का एलान कर चुके हैं कि वह कभी भी अपने पिता की तरह राजनीति में नहीं आएंगे। हालांकि, अब नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरों के बीच निशांत के राजनीति में उतरने की चर्चाएं तेज हैं।
नीतीश के परिवार में और कौन-कौन?
नीतीश कुमार के परिवार में पांच भाई-बहन हैं। नीतीश के बड़े भाई सतीश कुमार किसान हैं। इसके अलावा नीतीश की तीन छोटी बहनें उषा देवी, इंदु देवी और प्रभा देवी हैं। सतीश की तरह बहनें भी राजनीति से दूर हैं। नीतीश के परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, क्योंकि नीतीश ने राजनीतिक संसाधनों से परिवार को हमेशा दूर रखा है। हालांकि, अब उनके बेटे निशांत कुमार के सियासत में उतरने की अटकलें लग रही हैं।
पहला चुनाव हारे, अब 10 बार के मुख्यमंत्री
नीतीश ने पहली बार 1977 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1985 में फिर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1987 में लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष बने।
1989 में बिहार की बाढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। अप्रैल 1990 से नवंबर 1990 तक केंद्रीय कृषि और सहकारिता मंत्री रहे। 1991 में दूसरी बार सांसद चुने गए।
1995 में बिहार विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ लड़ाई लड़ी। जॉर्ज फर्नांडीस के साथ समता पार्टी की शुरुआत की। तब चुनाव में उनकी पार्टी केवल छह सीटें ही जीत सकी थी।
संबंधित वीडियो
1996 में लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद चुने गए। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय रेल मंत्री, भूतल परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री रहे।
दो अगस्त 1999 में गैसल ट्रेन दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। नीतीश के रेल मंत्री रहते हुए ही टिकटों की तत्काल बुकिंग की सुविधा शुरू की गई थी।
मार्च 2000 में वह पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। हालांकि, केवल सात दिनों तक ही उनका कार्यकाल रहा। इसके बाद 2005, 2010, 2013, 2015, 2017, 2020, 2022, 2024 और 2025 में 10वीं बार मुख्यमंत्री बने।
राशिफल 3 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
औजार खरीदी अनुदान योजना- विदिशा के श्रमिक देवेंद्र शर्मा को ₹5000 की सहायता, कार्य में बढ़ी दक्षता
चारधाम यात्रा: 9.67 लाख सिलिंडरों की मांग, रोजाना 6000+ सप्लाई के साथ सरकार अलर्ट पर
अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने वर्ष 2025-26 में दिखाया मास्टर क्लास प्रदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट हैंगर परिसर स्थित हनुमान मंदिर में किया नमन
मंत्री रह चुके और विधायक शामिल, मध्य प्रदेश बीजेपी ने घोषित किए नए प्रदेश प्रवक्ता
धर्म नगरी वाराणसी में महान शासक विक्रमादित्य के जीवन चरित्र मंचन तैयारी पूर्ण
किशोरी की मौत: पालतू कुत्ते के खरोंच को नजरअंदाज करने पर रेबीज से हताहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोला क्षेत्र में खेड़ापति हनुमान जन्मोत्सव पर की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ