पारंपरिक गेर पर पड़ेगा क्या असर? ज्योतिषाचार्यों ने दी जानकारी
उज्जैन| कालों के काल महाकाल के दरबार में किसी भी ग्रहण काल का प्रभाव नहीं पड़ता है. कालों के काल महाकाल के आगे ग्रहण भी नतमस्तक हो जाते हैं. चाहें सूर्य ग्रहण हो या चन्द्र ग्रहण , बाकी अन्य जगहों पर ग्रहण काल का असर और प्रभाव पड़ता है|
जाप तप करने से नहीं पड़ता है ग्रहण काल का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल के समय जाप तप करने से ग्रहण काल के प्रभाव का असर नही पड़ता है. मार्च में धुलेंडी के अवसर पर शहर के विभिन्न इलाकों से पारंपरिक गेर निकालने की परंपरा रही है. इसे लोक आस्था और रंगों के उत्सव का प्रतीकात्मक आयोजन माना जाता है| पण्डित अमर डब्बावाला और पण्डित मनीष शर्मा ने बताया कि शास्त्रीय मत के अनुसार ग्रहण के सूतक काल में सामान्य रूप से कुछ नियमों का पालन किया जाता है. हालांकि यह भी उल्लेख मिलता है कि यदि सूतक की अवधि चार याम (प्रहर) की हो, तो पहले प्रहर में पारंपरिक कार्यों या गतिविधियों को करने में कोई दोष नहीं माना गया है. इस विषय में अलग-अलग पुराणों में सांकेतिक रूप से विभाजन का वर्णन मिलता है|
गेर पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं
उज्जैन में धुलेंडी के दिन निकलने वाली गेर पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है. अर्थात यह अपने निर्धारित समय पर पूर्ववत निकाली जा सकती है. चंद्रग्रहण के सूतक के पहले प्रहर में लोक परंपरा से जुड़े शुष्क पर्वों के आयोजन में कोई दोष नहीं माना गया है, इसलिए पहले प्रहर में गेर निकाली जा सकती है|
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार
एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी तरफ मायावती का बड़ा राजनीतिक संदेश
कमाई बढ़ी, लेकिन घाटा भी बढ़ा; FY26 में PhonePe के वित्तीय नतीजे चौंकाने वाले
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची तैयार, जल्द मिल सकती है नेताओं को जिम्मेदारी
जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, 32 लोगों की मौत; मचैल यात्रा पर लगी रोक
ओंकारेश्वर में दर्दनाक हादसा, खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से 3 साल के मासूम की मौत
PM मोदी के फैसले को योगी का समर्थन, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई पर कही बड़ी बात
रफ्तार बनी काल, राजगढ़ में कार तालाब में समाई; पांच लोगों की दर्दनाक मौत
तिरंगे में लिपटा घर पहुंचा वीर सपूत, 'अजय कुमार सिंह अमर रहें' के नारों से गूंजा गांव
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर टीकाराम जूली बोले- प्रधानमंत्री तुरंत इसे स्वीकार करें