Russia: कुत्ते से प्रेम के चलते गई कर्मचारी की नौकरी? रूस में पिज्जा चेन पर विवाद, कंपनी ने दी ये सफाई
रूस के चेल्याबिंस्क शहर में एक आवारा कुत्ते को कंबल ओढ़ाने पर डिलीवरी कर्मचारी को नौकरी से निकाले जाने का मामला अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है। इस घटना के बाद पशु प्रेमियों ने मशहूर पिज्जा चेन डोडो पिज्जा के बहिष्कार की मांग तेज कर दी है।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक डोडोबोन्या नाम का एक आवारा कुत्ता पिछले करीब डेढ़ साल से चेल्याबिंस्क स्थित डोडो पिज्जा के एक आउटलेट के बाहर रह रहा था। दुकान के कर्मचारी और स्थानीय लोग उसकी देखभाल करते थे और सर्दियों में माइनस 20 डिग्री तापमान के दौरान उसे कंबल से ढक देते थे। धीरे-धीरे यह कुत्ता कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच आउटलेट का अनौपचारिक मैस्कॉट बन गया था।स्थिति तब बदली जब आउटलेट में नई मैनेजर यूलिया की नियुक्ति हुई। आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों को कुत्ते को खाना देने या उसकी देखभाल करने से मना कर दिया और चेतावनी दी कि जो भी कुत्ते को शरण देगा, उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।
कंबल देने पर डिलीवरी मैन की छुट्टी
डिलीवरी कर्मचारी मिखाइल सवित्स्की ने बताया कि उन्होंने बर्फ में पड़े कुत्ते को ठंड से बचाने के लिए कंबल ओढ़ा दिया था और फिर अपना ऑर्डर डिलीवर करने चले गए। उनके अनुसार, लौटते समय उन्हें बताया गया कि उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है और मीटिंग से भी बाहर कर दिया गया।मिखाइल का दावा है कि उनकी बर्खास्तगी की वजह कुत्ते की मदद करना ही है। उन्होंने मैनेजर के संदेशों के स्क्रीनशॉट भी दिखाए, जिनमें कथित तौर पर कुत्ते की मदद करने वालों को नौकरी से निकालने की चेतावनी दी गई थी।
कंपनी ने आरोपों से किया इनकार
विवाद बढ़ने और सोशल मीडिया पर समर्थन मिलने के बाद डोडो पिज्जा ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कर्मचारी को कुत्ते की मदद करने के कारण नहीं, बल्कि प्रदर्शन से जुड़े कारणों से हटाया गया। कंपनी के अनुसार, कूरियर के साथ अनुबंध नियमित देरी, अनुपस्थिति और व्यावसायिक आचरण से जुड़े उल्लंघनों के कारण समाप्त किया गया था। पशु कल्याण किसी को हटाने का कारण नहीं है।
सोशल मीडिया पर बहिष्कार की मांग
हालांकि, पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि डोडोबोन्या लंबे समय से आउटलेट से जुड़ा हुआ था और कर्मचारियों की संवेदनशीलता को दंडित करना अमानवीय है। इस घटना के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ विरोध और बहिष्कार की अपील तेजी से फैल रही है।
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