झारखंड में SIR प्रक्रिया अप्रैल से शुरू, मतदाता सूची का होगा बड़ा सत्यापन
Jharkhand SIR : राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की अधिसूचना जारी कर दी है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, अप्रैल से यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।
निर्वाचन तंत्र ने इस अभियान की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से मतदाता सूची में त्रुटियों, नामों के दोहराव और विवरणों में असंगतियों की समीक्षा की जा रही थी। अब भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर व्यापक स्तर पर डेटा मिलान और सत्यापन किया जाएगा।
जमीनी स्तर पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। वे मतदाताओं के निवास, पहचान और पारिवारिक विवरण की पुष्टि कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, परिवार आधारित प्रोफाइल तैयार किए गए हैं ताकि संभावित विसंगतियों की पहचान आसान हो सके।
आगामी Jharkhand SIR के दौरान पात्र नागरिकों को पहचान, निवास और अन्य वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाएगा, हालांकि इसे सहायक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जा सकता है।
प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए राज्यभर में जागरूकता अभियान और विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज तैयार रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि सटीक मतदाता सूची ही पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है।
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