लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेकर करे राष्ट्र निर्माण: राज्यपाल पटेल
भोपाल : राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर राजनीतिक शुचिता, महिला सशक्तिकरण और सेवा की प्रतिमूर्ति थी। उन्होंने अनेक कल्याणकारी सेवा कार्य किए। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर ने गुजरात के जूनागढ़ के 60 परिवारों को इंदौर में बसाया। लोकमाता का व्यक्तित्व और कृतित्व लगभग 300 वर्षों के बाद आज भी प्रेरणादायक है। विद्यार्थी, लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जीवन से प्रेरणा लेकर निरंतर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
राज्यपाल पटेल मंगलवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि और पदक प्रदान करने के साथ बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत उपाधि केवल प्रमाण-पत्र नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज उपाधियां प्राप्तकर्ताओं में बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या अधिक है। यह “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों का आहवान किया कि हमेशा सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद करें।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 में भारत को विकसित बनाने में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होगा। राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन प्रयासों की सराहना की।
रामायण के हर पात्र से शिक्षा ग्रहण करें विद्यार्थी
राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि विपरीत परिस्थितियों में हमेशा अडिग रहे। ईमानदार रहे। सच्चाई के रास्ते पर चलें। कभी असत्य नहीं बोलें। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के जीवन में भी अनेक कठिनाईयां आई थी। इसके बाद भी उन्होंने अपनी मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा कभी नहीं छोड़ी। माता-पिता ने भगवान राम को जो आदेश दिया, उसका उन्होंने अक्षरश: पालन किया। विद्यार्थियों को रामायण के हर पात्र से शिक्षा ग्रहण करना चाहिए।
दीक्षांत समारोह में स्थानीय सांसद शंकर लालवानी ने भारत को विकसित बनाने में योगदान देने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का आहवान किया। पद्मसे सम्मानित नारायण व्यास ने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन का लक्ष्य बनाए और उसे पूरा करने के लिये परिश्रम करें। उत्कृष्ट पढ़ाई करें जिससे कि उन्हें रोजगार के समुचित अवसर मिल सके। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के उन्मुखीकरण और गुणवत्तापूर्ण मूल्य संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। समारोह में कुल सचिव, प्राचार्य, प्रोफेसर्स, विद्यार्थी, उनके परिजन तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य उपस्थित थे।
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