गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली घटना: तीन बहनों ने 9वीं मंज़िल से कूदकर दी जान
यूपी के गाजियाबाद जिले में मंगलवार की देर रात एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी करने के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। तीनों लड़कियों के खुदकुशी करने के बाद जब पुलिस की फील्ड यूनिट टीम कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तब वह भी हैरान रह गई। कमरे में जलती आर्टिफिशियल एलईडी लाइटें और फर्श पर कई तस्वीरें बिछी हुई थीं। फोटो तीनों बहनों के बचपन की थीं, किसी में पिता के साथ तो कई परिवार के अन्य सदस्यों के साथ की फोटो थीं। यह कमरा घर का पूजा कक्ष था। आमतौर पर बच्चों से लेकर बड़ों तक का इस कमरे में आना था। कमरे की दीवारों पर बने क्रॉस के निशान और स्केच से लिखी हुईं बातें एक अलग ही मानसिकता और मनौवैज्ञानिक पहलू की तरफ इशारा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आमतौर पर बच्चे जब मानसिक स्तर पर किसी सोच में डूबते हैं तब इस तरह की चीजें करते हैं। कोरियन कल्चर से दूरी और इसे लेकर पिता की डांट शायद बच्चों के मन पर गहरा असर गई। हालांकि दीवारों पर बने क्रॉस की फोटो फॉरेंसिक टीम ने एकत्र कर विशेषज्ञों को भेजी है। ताकि इसके पीछे छिपे राज को सामने लाया जा सके।
दीवार पर लिखा मिला 'मेक मी ए हार्ट ऑफ अलोन'
पुलिस को किशोरियों के कमरे से आठ पेज का एक सुसाइड नोट मिला है। हालांकि पुलिस ने पूरी डायरी अपने कब्जे में ले ली है। वहीं कमरे की दीवार पर मेक मी ए हार्ट ऑफ अलोन लिखा हुआ मिला है।कमरे से मिले सुसाइड नोट में किशोरियों ने पापा से माफी मांगी है। साथ ही एक डायरी का जिक्र भी किया है। नोट में लिखा है कि 'इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है। आई एम सॉरी, पापा।' सुसाइड नोट में एक इमोजी भी बना है, जिसमें एक लड़की रोते हुए दिखाई गई है।' हालांकि, नोट में जिस डायरी का जिक्र उन्होंने किया गया है, उसकी पूरी डिटेल अभी तक सामने नहीं आ पाई हैं।दरअसल, गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ थाना इलाके की भारत सिटी सोसाइटी में यह घटना घटी। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस इस घटना की बारीकी से जांच में जुटी है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि तीनों नाबालिगों ने देर रात करीब दो बजे एक साथ सोसायटी की 9वीं मंजिल से छलांग लगाई।
जानकारी के मुताबिक, किशोरियों के माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे। तीनों बहनों ने अपने कमरे की खिड़की से छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि ये तीनों बहनें पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन गेम खेलने की आदी हो चुकी थीं और कोरोना महामारी के बाद से इनका स्कूल भी रेगुलर नहीं था। तीनों बहनें पिछले कुछ माह से ऑनलाइन टास्क बेस्ड कोरियन लवर गेम खेल रही थीं। उनकी उम्र 16, 14 और 12 वर्ष थी। तीनों ने सामूहिक आत्महत्या क्यों की, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मोबाइल फोन व डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
मंगलवार को गेम का आखिरी टास्क था: मीडिया रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिता ने बताया है कि लड़कियों को ऑनलाइन कोरियन गेम खेलने की लत थी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को गेम का आखिरी टास्क था। नाबालिग लड़कियां आखिरी टास्क पूरा करने के बाद सोसायटी के 9वें फ्लोर से कूद गईं। पिता ने बताया कि पुलिस उनके फोन जांच के लिए ले गई है। उन्होंने यह भी बताया कि गेम में कुल 50 टास्क थे। कूदने के लिए बच्चियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का उपयोग किया था।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चियों के पिता ने आगे बताया कि बीच वाली बच्ची इस गेम की लीडर थी। तीनों बच्चियां हर काम एक साथ ही करती थीं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि तीनों ऐसा कोई गेम खेलती हैं, इसका परिवार में किसी को पता नहीं था।
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