पर्ल हार्बर की याद ताजा: फ्रांस की न्यूक्लियर पनडुब्बियों पर ड्रोन का संकट
रूस यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोप में तनाव पहले ही अपने चरम पर है और इसी बीच फ्रांस से बेहद चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है. देश के सबसे सुरक्षित सैन्य ठिकाने आइले लॉन्ग प्रायद्वीप पर स्थित न्यूक्लियर सबमरीन बेस के ऊपर पांच अनजान ड्रोन मंडराते देखे गए. यह वही जगह है जहां फ्रांस अपनी चार परमाणु बैलिस्टिक पनडुब्बियां रखता है. अगर यह अटैक करने की कोई साजिश होती तो यह फ्रांस का पर्ल हार्बर मोमेंट हो सकता था. दरअसल दूसरे विश्वयुद्ध में जापान ने अमेरिका के पर्ल हार्बर पर हमला बोला था, जिस कारण अमेरिकी बेस पर तबाही मची थी. इस हमले के बाद अमेरिका युद्ध में उतरा था. रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल नॉर्थवेस्ट फ्रांस का वह इलाका है जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अटलांटिक मैरिटाइम प्रीफेक्चर संभालता है. इनके प्रवक्ता गिलोम ले रस्ले ने पुष्टि की कि ड्रोन संवेदनशील इन्फ्रास्ट्रक्चर के बिल्कुल ऊपर देखे गए, हालांकि उन्होंने कहा कि तत्काल कोई खतरा नहीं था. उनके अनुसार यह हरकत ‘जनता को डराने की कोशिश’ भी हो सकती है |
ड्रोन दिखने पर फ्रांस ने क्या किया?
फ्रांस के अखबार ले मोंड की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन दिखते ही काउंटर-ड्रोन और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. मरीन राइफल बटालियन, जो इस बेस की सुरक्षा संभालती है, ने ड्रोन पर फायर भी किया. हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि कोई ड्रोन मार गिराया गया या नहीं. न्यूक्लियर सबमरीन जैसा संवेदनशील ठिकाना होने के कारण यह घटना यूरोप में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है. फ्रांस लंबे समय से ऐसी किसी संभावित ‘हाइब्रिड वारफेयर’ गतिविधि के खतरे को लेकर सतर्क रहा है |
क्या पहले भी ड्रोन दिखने के आए मामले?
यह घटना उसी पैटर्न का हिस्सा है जो पिछले कुछ महीनों से पूरे यूरोप में देखा जा रहा है. इसी हफ्ते आयरलैंड के पश्चिमी तट पर भी 4-5 ड्रोन देखे गए, जो यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की फ्लाइट के ठीक बाद उनके रास्ते में दिखाई दिए. ड्रोन आयरिश नेवी के जहाज ‘ले विलियम बटलर येट्स’ के ऊपर लगभग स्थिर हो गए, मानो ये जानबूझकर दिखना चाहते हों. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह घटनाएं किसी बड़े पैमाने पर यूरोप की हवाई सुरक्षा को परखने की कोशिश भी हो सकती हैं |
यूरोप में लगातार हो रही ड्रोन की घटनाएं
10 सितंबर से अब तक कई यूरोपीय देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में रहस्यमय ड्रोन देखे हैं. सबसे गंभीर मामला पोलैंड का था, जहां बेलारूस से 19 ड्रोन सीमा पार करते देखे गए थे. तब से लेकर अब तक कई देशों ने रूस पर इसके आरोप लगाए हैं. हालांकि रूस हर बार जिम्मेदारी से इनकार करता रहा है |
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